ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग के नाम पर जिले में वसूली का खेल जोरों से चल रहा है। ओवरलोड व बिना परमिट के चलने वाले वाहनों के विरुद्घ कार्रवाई के लिए गठित टीम रात में चेकिंग शुरू करती है और भोर होने तक चेकिंग समाप्त हो जाती है। अभी 19 मई की रात की बात है कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चील्ह में लगभग दो सौ ओवरलोड ट्रकों की जांच की गई, लेकिन चालान महज 18 ट्रकों का किया गया। बाकी ट्रकों को मौके से छोड़ दिया गया। ट्रक चालकों का आरोप है कि उन्हें जांच के नाम पर घंटों रोका गया, जिसके चलते चील्ह मार्ग पर रात में ही जाम लग गया था।
डीएम अनुराग पटेल और एसपी आशीष तिवारी ने ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग करने के लिए संयुक्त टीम बनाई है। नारायनपुर, अहरौरा, शास्त्री सेतु व सोनभद्र बार्डर पर बैरियर बनाकर चेकिंग कराई जाती है। डीएम और एसपी ने संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने का निर्देश दिया है पर काम उससे उलट हो रहा है। परिवहन, पुलिस और खनन विभाग ने इस आदेश को अवैध वसूली का जरिया बना लिया है। चेकिंग प्वाइंट पर रात भर ओवरलोड वाहनों से वसूली की जाती है। उच्चाधिकारियों को दिखाने के लिए कुछ ट्रकों का चालान किया जाता है।
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दलाल हो जाते हैं सक्रिय
अवैध वसूली, चालान से लेकर गाड़ी से छूटने तक पूरा रैकेट काम करता है। गाड़ी बंद होते ही चालक और वाहन स्वामी के पास परिवहन विभाग और खनन विभाग के दलालों का फोन आने लगता है। बताया जाता है कि उनकी अधिकारियों से सेटिंग है वह जुर्माना कम करा देंगे। संयुक्त चेकिंग में परिवहन और खनन अलग-अलग जुर्माना लगाते हैं। अगर मौके पर लेनदेन कर गाड़ी छूट गई, तब जो ठीक है नहीं तो बाद में परिवहन और खनन का जुर्माना देने में 70 से 90 हजार रुपये अदा करने होते हैं। 90 हजार से बचने के लिए लोग 20 से 25 हजार रुपये देने को तैयार हो जाते हैं।
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वसूली के चलते बढ़ते हैं दाम
कई जिलों में ओवरलोड ट्रकों की जांच लगभग बंद कर दी गई। इससे बालू के दाम कम हुए। दरअसल ओवरलोड ट्रक पुलिस, परिवहन और खनन विभाग को जो पैसा देते हैं उसकी भरपाई ग्राहकों से करते हैं। वसूली न होने से बालू के दाम कम हो जाते हैं।
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हटाया गया सीसी कैमरा
अवैध वसूली करने के लिए शास्त्री सेतु पर बने बैरियर लगाए गए सीसी टीवी कैमरे को उखाड़कर फेंक दिया गया है। पूछने पर बताया जाता है सड़क निर्माण के चलते बैरियर पर लगे सीसी कैमरे को हटाया गया। इसके अलावा नारायनपुर, अहरौरा, शास्त्री सेतु व सोनभद्र बार्डर के टोल टैक्स पर बैरियर लगाया गया है।
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मिर्जापुर, सोनभद्र व एमपी से आते हैं ट्रक
मिर्जापर। सोनभद्र व मिर्जापुर से बोल्डर, गिटटी और बालू तथा पटिया लेकर वाहन जाते हैं। इसी प्रकार मध्य प्रदेश से पटिया बालू और स्टोन काली गिट्टी लेकर आते हैं।
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मिर्जापुर। जिले में गिटटी, बालू, पटिया, बोल्डर लेकर लगभग एक हजार वाहन मिर्जापुर में चलते हैं। वहीं एक हजार वाहन सोनभद्र से आते है। इसी प्रकार मध्य प्रदेश से भी लगभग पांच सौ गाड़ियां जिले में दाखिल होती हैं।
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दस से कम गाड़ियां नहीं होगी बंद
डीएम का निर्देश है कि अवैध खनन व परिवार की चेकिंग के दौरान दस से कम गाड़ियां बंद नहीं की जाएंगी। इससे अधिक की टीम को चेक कर बंद करना है।
कोट
अगर चेकिंग के नाम पर वसूली की शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आशीष तिवारी, एसपी