सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत लोगों को सूचना मुहैया न कराने पर जिलाधिकारी समेत जिले के 59 अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है। जिले के अधिकारी सूचना मुहैया कराने के प्रति गंभीर नहीं है।
यही वजह है कि राज्य सूचना आयोग में मिर्जापुर जिले के 988 मामले इस समय लंबित हैं। ये बातें राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से कहीं।
उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना 30 दिन के अंदर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि के अंदर कोई अधिकारी सूचना मुहैया नहीं देता है तो वह अपीलीय अधिकारी के यहां गुहार लगा सकता है। इसके बाद भी सूचना नहीं मिलने पर प्रथम सूचना अधिकारी के यहां अपील कर सकता है।
वहां से भी 45 दिन के अंदर सूचना मुहैया नहीं होने पर आवेदक द्वितीय या राज्य सूचना आयोग में अपनी अपील दाखिल कर सकता है। जहां यह देखा जाएगा कि विभाग के अधिकारी ने किस कारण से निर्धारित अवधि के अंदर सूचना मुहैया नहीं कराई है। उसे नोटिस भेजकर सूचना मुहैया कराने के लिए कहा जाता है। इसके बाद भी सूचना मुहैया नहीं कराने पर उसके खिलाफ अर्थदंड लगाया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 58 हजार मामले राज्य सूचना आयोग में लंबित है जिसमें मिर्जापुर जिले के 988 मामले शामिल है। सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर जिले के डीएम, जिला पूर्ति अधिकारी, बीएसए, डीपीआरओ, सीडीओ, डीडीओ, आबकारीअधिकारी, आरटीओ, सिंचाई विभाग के अधिकारी,
जिला विद्यालय निरीक्षक, खनन अधिकारी, डीएफओ, सीएमओ, खाद्य विभाग, बिजली विभाग पुलिस विभाग समेत अन्य 59 विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध धारा बीस ए तथा बी के तहत अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह भी देखा जा रहा है कि जिनके विरुद्घ जुर्माना लगाया गया है उसकी वसूली हो रही है कि नहीं।