विंध्याचल। आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी की जयंती पर मंगलवार को विंध्य धाम में माता का भव्य शृंगार और पूजन होगा। इसके अलावा अखिल भारतीय संगीत समारोह का आयोजन भी होगा। इसमें ख्यातिलब्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां मां की चरणों में समर्पित करेंगे। मां की जयंती पर विंध्य दरबार सहित पहाड़ पर विराजमान मां अष्टभुजा मंदिर पर भी पूजन-अनुष्ठान और भव्य शृंगार का आयोजन किया गया है। विंध्य क्षेत्र के कई स्थानों पर कजली महोत्सव सहित शास्त्रीय एवं उप शास्त्रीय गायन के कार्यक्रम भी होंगे।
श्री विंध्यवासिनी आराधना केंद्र की तरफ से मां की जयंती पर मंदिर परिसर में अखिल भारतीय संगीत समारोह का आयोजन किया गया है। संस्था द्वारा मां का वृहद व भव्य श्रृंगार-पूजन सहित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। संगीत समारोह में दिल्ली सहित मुंबई, कोलकता, लखनऊ, पटना, रांची, देवघर, वाराणसी एवं इलाहाबाद के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शस्त्रीय संगीत के कला-साधक अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को मां की चरणों में समर्पित कर अपनी हाजिरी लगाएंगे। संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष राजन पाठक ने बताया कि मंदिर परिसर में आयोजित संगीत समारोह सांयकाल छह बजे से आरंभ कर दिया जाएगा। श्री विंध्य सेवा मंच शेर कोठी विंध्याचल की ओर से मां की जयंती पर पहाड़ पर विराजमान मां अष्टभुजा देवी का भव्य श्रृंगार-पूजन एवं प्रसाद के वितरण का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की शुरूआत पहाड़ पर मां अष्टभुजा देवी के भव्य मंगला आरती के साथ होगी तथा मध्यान्ह व शयनयान आरती भी भव्यता से होगी। भक्तों के बीच प्रसाद वितरण मां की आरती के बाद से शुरू होकर देर रात तक चलेगा। कार्यक्रम के संयोजक त्रियोगी नारायण मिश्र उर्फ मिट्ठू मिश्रा ने बताया कि मां विंध्यवासिनी देवी के त्रिकोण शक्ति की आराधना यंत्र, मंत्र व तंत्र के माध्यम से होगी। बताया कि एक हजार कमल पुष्पों से पहाड़ पर श्रीयंत्र का विशेष पूजन होगा, वहीं भैरव कुंड पर दो शतचंडी महापाठ भी होंगे।
संगीत समारोह 29 को : विंध्याचल। साधना ललित कला प्रशिक्षण केंद्र व श्री विंध्य सांस्कृतिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में 29 अगस्त को शाम छह बजे से विंध्याचल स्थित विंध्य रेजीडेंसी परिसर में संगीतांजलि संगीत समारोह का आयोजन किया गया है। संस्था के कोषाध्यक्ष पं. ओमप्रकाश मिश्र ने बताया कि भारतीय कला एवं संस्कृति के प्रचार प्रसार एवं प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा के तहत यह कार्यक्रम आयोजित समारोह में संकाय प्रमुख संगीत एवं मंच कला संकाय बीएचयू के प्रो. राजेश शाह सितार वादन प्रस्तुत करेंगे। वहीं वाद्य विभाग संगीत एवं मंच कला संकाय बीएचयू के प्रो. प्रवीण उद्घव तबला युगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। तबला युगलबंदी श्रुतिशील उद्घाव द्वारा व कथक नृत्य विभागाध्यक्ष बीएचयू की डा. विधि नागर द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। इसी क्रम में बिहार प्रांत के हजारीबाग के ओम प्रकाश उपाध्याय का शास्त्रीय गायन एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्यांगना सुश्री नम्रता श्रीमाली द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। गायन विभाग संगीत एवं मंच कला संकाय बीएचयू वाराणसी के डा. ज्ञानेश चंद्र पांडेय द्वारा शास्त्रीय गायन होगा। कार्यक्रम शाम छह बजे से शुरू होगा।