मिर्जापुर। जल जलाशय अभियान के तहत मनरेगा से जिले में 509 तालाबों की खुदाई का कार्य शुरू तो किया गया लेकिन अधिकतर विकास खंडों में तालाब खुदाई का कार्य सुस्त पड़ गया है। तालाबों की खुदाई के पीछे शासन का मकसद बारिश के पानी को तालाबों में एकत्रित किया जाना था लेकिन धीमी गति से चल रहे खुदाई कार्य से मकसद पूरा होने में संदेह प्रतीत होने लगा है।
जिले में कुल 509 तालाबों में से सौ से अधिक तालाबों पर अवैध कब्जा है। भीषण गर्मी, कहीं पथरीली मिट्टी तो कहीं बजट की कमी के चलते तालाब खुदाई का कार्य धीमी गति से चल रहा है। जल जलाशय योजना के तहत अपेक्षित बजट न मिलने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। खुदाई के कार्य में नाममात्र श्रमिक लगे दिख रहे हैं। सिटी विकास खंड में स्थित 28 तालाबों में खुदाई का कार्य चल रहा है। 27 जून तक श्रमिको में खाते के माध्यम से 25 लाख, 31 हजार, 500 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। लालगंज विकास खंड में 37 तालाबों में 32 पर कार्य चल रहा है। इनमें चार किसानों ने व्यक्तिगत तौर पर तालाब खुदाई कराई है। सीखड़ में 23 तालाबों पर कार्य चल रहा है। हलिया में 11 तालाब गहरीकरण और 14 खेत तालाब खुदाई के लिए चयन किया गया था। सभी पर कार्य चल रहा है। चुनार : नरायनपुर ब्लाक में कुल 41तालाबों की खुदाई का लक्ष्य है। सभी तालाबों पर कार्य चल रहा है। रामपुर गांव में एक व्यक्तिगत तालाब की खुदाई को लेकर विवाद था जिसे निरस्त कर उसके स्थान पर भवानीपुर में तालाब की खुदाई का कार्य शुरू है। बीडीओ धनश्याम प्रसाद ने बताया कि कार्य के लिए मनरेगा मजदूरों का अभाव नहीं है। तालाब की खुदाई में लगे मनरेगा मजदूरों को 21 जून तक 9 लाख 98 हजार 400 रूपये का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह छानबे, पहाड़ी, जमालपुर, हलिया, पटेहरा व राजगढ़ में मनरेगा योजना के तहत कार्य चल रहे हैं।
सीडीओ प्रियंका निरंजन ने कहा कि जल संचय के लिए चल रही तालाबों के खुदाई में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त न की जाएगी। गांवों में अधिक से अधिक श्रमिकों से खुदाई का कार्य कराया जा रहा है ताकि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो सके।