फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डाक्टर के छुटटी पर जाने से मंडलीय चिकित्सालय का अल्टासाउंड प्रभावित ं

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। मंडलीय चिकित्सालय के कार्डियोलाजिस्ट के अवकाश पर रहने के कारण छुट़्टी पर चले जाने से पंद्रह दिनों से मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। मरीज निजी पैथालॉजी सेंटरों में अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं। पूर्व एसआईसी एवं कार्डियोलाजिस्ट चिकित्सक दिव्यांकर द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद से दो वर्षों से मंडलीय चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच की स्थिति दयनीय है। करीब आठ महीने तक लगातार अल्ट्रासाउंड बंद रहने के बाद चिकित्सालय प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती की मांग की। इसके बाद शासन ने संविदा पर एक डाक्टर की तैनात कर दी लेकिन पैसा कम मिलने के कारण उन्होंने तीन महीने बाद ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद फिर अल्ट्रासाउंड जांच बाधित हो गई। ऐसी स्थिति में मरीज एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए भटकने लगे। छह माह पूर्व मंडलीय चिकित्सालय में दो चिकित्सकों डा. रत्नाकर और डा. मेहरा की तैनाती हुई जो अल्ट्रासाउंड करने लगे। डा. रत्नाकर अवकाश पर है जो लौटे नहीं हैं। दो दिन पूर्व डा. मेहरा रिश्तेदार के निधन पर 15 दिनों के अवकाश पर गए हैं। इसके चलते मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए पड़र रहा है। मरीज निजी पैथालाजी सेंटरों में साढ़े सात सौ रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं। डा. मेहरा सप्ताह के तीन दिन भदोही में कार्य संभालते हैं। मंडलीय चिकित्सालय में डा. दिव्यांकर द्विवेदी के समय में एक दिन में 80 मरीजों का अल्ट्रासाउंड होता था लेकिन वर्तमान समय में मात्र 20 से 30 अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। इससे मरीजों की भीड़ अधिक लग जा रही थी।
विज्ञापन

मंडलीय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. केएन पांडेय ने कहा कि कार्डियोलाजिस्ट चिकित्सक डा. मेहरा के एक रिश्तेदार के निधन होने पर अवकाश पर गए हैं। उनकी जगह डा. रत्नाकर को बुलाया गया है ताकि अल्ट्रासाउंड का कार्य प्रभावित नहीं हो। बुधवार से डाक्टर रत्नाकर अल्ट्रासाउंड करने का कार्य करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें