अहरौरा । डोंगिया जलाशय के छलके से तीव्र गति से छलक रहा पानी अहरौरा जलाशय में संकट की स्थिति उत्पन्न कर रहा है। यही हाल रहा तो महज एक सप्ताह के भीतर ही ढाई हजार एकड़ झील क्षेत्र में फैला अहरौरा जलाशय भी लबालब भर जाएगा। जिससे अहरौरा से सटे दर्जनों गांव जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है।
लबालब भर चुके डोंगिया जलाशय से पानी की बढ़ोत्तरी को देखते हुए शनिवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया । डोंगिया जलाशय के छलके से छह इंच पानी ओवरफ्लो कर रहा है तो वही धंधरौल बांध का भी पानी तेँदुई के रास्ते होकर अहरौरा जलाशय मे अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है ।18 सौ एकड़ क्षेत्र में फैले डोंगिया जलाशय के निर्धारित समय से पूर्व ही भर जाने से बाढ़ के खतरे का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। झील क्षेत्रों और डोंगिया से पानी की आवक को देखते हुये आला अधिकारी जलाशय पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता नरसिंह मौर्या ने बताया कि डोंगिया जलाशय के छलके से ओवरफ्लो कर के 400 क्यूसेक पानी अहरौरा जलाशय में आ रहा है। इसी के साथ ही आसपास के अन्य पहाड़ी व झील क्षेत्रों का भी पानी बांध में आ रहा है अगर यही स्थति रही तो समय से पूर्व ही अहरौरा जलाशय भी लबालब भर जाएगा,वर्तमान मे अहरौरा जलाशय 10फिट ही खाली चल रहा है । अहरौरा इलाके से लगे डूब क्षेत्रों की सैकड़ो एकड़ फसल लगातर कई दिनों से हो रही बारिश के चलते डूब गई है तो वहीं कई नहरों के तटबंध टूटने की वजह से सैकड़ो एकड़ फसल बर्बाद हो रही है,लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी बजट ना आने से काम ना हो पाने का राग अलाप रहे हैं । पूर्वानुमानित बाढ़ के खतरे को देखते हुये अभी तक एक भी बाढ़ चौकी स्थापित नही की गई और ना ही ध्वस्त हो चुके नहरों के तटबंधों की मरम्मत ही कराया जा सका, जिससे आसपास के क्षेत्रीय लोगों के साथ ही किसानों मे आक्रोश व्याप्त है।