सबसे पहले जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाया। जिसमें सिंचाई, उर्वरक, बिजली व मार्ग सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। जिस पर संबंधित अधिकारियों ने समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया, लेकिन कई अधिकारियों के नहीं आने व अपने प्रतिनिधि भेजे जाने पर नाराजगी प्रकट की गई।
जिस पर पीडी व प्रभारी सीडीओ राजीव वनकटा ने अधिकारियों को स्वयं बैठक में न आने पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान कई बार सदन की कार्रवाई रोकनी भी पड़ी। अंत में वित्तीय वर्ष 2015-16 में पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजनांतर्गत 26.85 करोड़ की कार्य योजना प्रस्तुत की गई।
जिला योजना के तहत 171 करोड़ रुपये की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 की अतिरिक्त कार्य योजना व 2015-16 के लेबर बजट व कार्ययोजना के लिए 50 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रस्तुत हुआ। ग्रामीण सड़क अनुरक्षण नीति 2013-14 के अनुरूप वर्ष 2015-16 में विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य कराने के लिए 27 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रस्तुत किया गया।
इसके अलावा मत्स्य पालकों को किसान घोषित किए जाना अनुमोदित किया गया। बैठक में एमएलसी श्यामनाराण उर्फ विनीत सिंह, विधायक ललितेशपति त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी बीएस कुशवाहा सहित अधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।