हलिया। स्थानीय विकास खंड में विद्युत कटौती के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में 18 के बजाए आठ घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। क्षेत्र में स्थापित पानी की टंकी बिजली के अभाव में शोपीस बनी है। पेयजल समस्या से जूझते ग्रामीण पानी की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
हलिया विकास खंड के बरी, बरौधा व देवरी फीडर से विद्युत सप्लाई होती है लेकिन इस समय मात्र पांच घंटे रात तथा 3 घंटे दिन में मिलाकर चौबिस घंटे में मात्र आठ घंटे ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इतने में भी कई बार कटौतियां की जाती हैं। क्षेत्र में बिजली कब दी जाएगी और कब काट दी जाएगी इसका लेखाजोखा उपकेंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के पास नहीं। बिजली मिलने के कारण ग्रामीण उपभोक्ता विद्युत विभाग के अधिकारियों को कोस रहे हैं। विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि इस भयंकर गर्मी में सबसे बड़ी पेयजल की है। बिजली न आने के कारण बन घर के अंदर महिलाएं पंखी के सहारे अपना समय बिता रही हैं। ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं में जगदीश सिंह, राधेश्याम दुबे, प्रशांत कुमार दूबे, आदर्श कुमार दुबे, यासीन अली, हकीम अली व अमृतलाल आदि का कहना है कि बिल तो हमेशा बढ़ रहा है, लेकिन बिजली समस्या का कोई अंत नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में पानी टंकी से सप्लाई नहीं हो पा रही है। कहा कि यदि समय रहते सुधार न हुआ तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे। इस संबंध में अवर अभियंता राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि कोई बिजली कटौती नहीं की जा रही है। आंधी व तूफान के कारण समय-समय पर कुछ क्षेत्रों में समस्याएं आ जाती हैं जिसे समय रहते दुुरुस्त कर दिया जाता है।