मिर्जापुर। लोकसभा चुनाव बाद चौकीदार और विधानसभा चुनाव में ठोकीदार की विदाई तय है। मोदी चाय बेचने वाला बनकर आये थे, चुनाव बाद फ़क़ीर बन जाएंगे। ये हमें महामिलावट कहते हैं लेकिन ये तो खुद महा गिरावट वाले लोग हैं। देश और प्रदेश की सरकार नफरत की नींव और झूठ पर चल रही है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने रविवार को मिर्जापुर में पीएम और सीएम पर जमकर हमला बोला।
शहर के जीआईसी मैदान पर आयोजित जनसभा में उन्होंने कहा कि देश की सीमा सबसे ज्यादा असुरक्षित भाजपा सरकार में रही है। और ये आतंकवाद के नाम पर वोट मांग रहे हैं। पीएम प्रोटोकाल तोड़कर पाकिस्तान गए और खीर खाकर चले आये। पीएम चुनाव प्रचार में नोटबन्दी की कहीं चर्चा नहीं करते। हमारा और आपका धन तो पूंजीपति लेकर विदेश भाग गए। मोदी खुद को चाय बेचने वाला और पिछड़ा बताकर आये थे। सबसे ज्यादा धोखा पिछड़ो को ही दिया। चाय तो खराब निकली क्योंकि बिना दूध के चाय नहीं बनती। जनता के रडार ने पीएम का झूठ पकड़ लिया है। भाजपा वाले शौचालय पर भाषण शुरू करते हैं और वहीं खत्म। पीएम ने कहा था अच्छे दिन आएंगे, नौकरी देंगे। अब कहते हैं कि पकौड़े बनाओ। अखिलेश यादव करीब 44 मिनट तक बोले। दोपहर 1:25 बजे भाषण खत्म कर वह मिर्जापुर से रवाना हुए। राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा के सबसे ज्यादा धोखा किसानों के साथ किया है। इस दौरान मंच पर सपा प्रत्याशी रामचरित्र निषाद, पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया, लोकसभा प्रभारी केपी यादव, सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव, बसपा जिलाध्यक्ष कुंज बिहारी गौतम, अखिलेश कटियार, लल्लन यादव, शिवशंकर यादव, जवाहर लाल, रोहित शुक्ला आदि ने स्वागत किया।
पूर्व सीएम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कहा कि सरकार बदलने के बाद जब उन्हें सीएम हाउस मिला तो उन्होंने उसे गंगाजल से धुलवाया। हमें कहा कि संविधान नहीं होता तो मैं भैंस चरा रहा होता। हमारी सरकार बनी तो हम भी उनके बंगले से चीलम ढूंढकर निकालेंगे। अगर संविधान नहीं होता तो सीएम आप भी किसी मठ में घंट बजा रहे होते।