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मनमाने दर पर भूमि लेने से किसानों में रोष

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मुआवजे के लिए धरना देते किसान
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नरायनपुर। पुरुषोत्तमपुर परषोधा स्थित रामनरेश सिंह सरस्वती शिशु मंदिर के परिसर में किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर नेशनल हाईवे सात को फोरलेन करने के लिए अधिग्रहित जमीन का मनमानी दर पर बनाने का विरोध किया। कहा कि जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए।
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भाकियू के जिलाध्यक्ष अली जमीर ने कहा कि सरकार भूस्वामियों किसान की जमीन ओने पौने दर पर लेना चाहती है, ये सरकार की बड़ी भूल है। किसानों ने ब्रिटिश सरकार को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया था, उसी प्रकार सरकार को भी उचित दर पर मुआवजा देने को मजबूर कर दिया जायेगा। कुर्बानी देंगे लेकिन कृषि दर पर भू स्वामी अपनी जमीन नही देंगे। किसान नेता धर्मदेव उपाध्याय ने कहा कि जिस प्रकार राष्टीय राजमार्ग के किनारे की भूमि की रजिस्ट्री अकृषक दर से स्टाम्प शुल्क लिए जाता है, उसी दर मुआवजा दिया जाये। अनमोल सिंह ने कहा कि सर्किल दर व् बाजार दर में जो अधिक हो उसी दर से मुआवजा मिलाना चाहिए ,नही मिला तो किसान भूस्वामी कुर्बानी दे देंगे लेकिन जमीन नही देंगे।जालिम सिंह ने कहा कि यदि समय रहते सरकार भूस्वामियों व् किसानों की मांग को गंभीरता से नही लेती है तो सड़क से लेकर विधानसभा व् संसद तक संघर्ष किया जायेगा। गजानंद सिंह ने कहा कि एनएचआई व् एसएलओ द्वारा जानबूझकर भूस्वामियों किसानों की जमीनों को कृषि दिखाकर आंदोलन करने ीव् मुकदमा करने को बाध्य की जारहा है। अंजना सिंह ने कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के नियमो को तक पर रखकर थ्री डी प्रकाशन में अधिग्रहित भूमि को कृषि जानबूझकर प्रकाशित कर भूस्वामियों के साथ साजिश रची गई है,सफल नही होने दिया जायेगा। करुणाशंकर शुक्ल ने कहा कि उचित मुआवजा नही मिला तो सड़क जाम , रेल जाम भी करना पड़ेगा तो किया जायेगा। आक्रोशित किसानों व् भूस्वामियों ने जिलाधिकारी मिर्जापुर व् स्थानीय सांसद अनुप्रिया पटेल को जमकर कोसा। धरने में सुरेीन्द्र प्रताप सिंह, राजू पटेल, रामसूरत मौर्य, रामदुलार विश्वकर्मा, प्रेम सिंह, राधेश्याम सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अजय कुमार सिंह आदि रहे। धरने का संचालन फणीन्द्र श्रीवास्तव ने किया।
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