मिर्जापुर। जिला पंचायत की शनिवार को हुई बैठक में विकास कार्यों के प्रस्ताव पास पास किए गए। प्रत्येक सदस्य से सड़क, नाली, खड़ंजा लगाने और सोलर लाइट के लिए 35-35 लाख की कार्ययोजना मांगी गई। किसानों की फसलों को बचाने की दिशा में आवारा पशुओं को रखने के लिए कांजी हाउस को सक्रिय करने का भी प्रस्ताव पास किया गया। मनरेगा बजट में उद्यान विभाग का 67.659 लाख तथा नलकूप विभाग का 19.839 लाख का बजट शामिल किया गया। तय किया गया कि उद्यान और नलकूप विभाग के कार्य मनरेगा के तहत होंगे। जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक में जर्जर सड़कों को लेकर हंगामा किया।
जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमिला सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को बोर्ड की बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने जर्जर सड़कों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने सभी विभागों के अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकास कार्य कराने का निर्देश दिया। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। छानबे विधायक राहुल प्रकाश कोल ने विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य के प्रस्ताव पर पांच-पांच हैंडपंप लगवाने के लिए सूची मांगी। सीडीओ प्रियंका निरंजन ने कहा कि प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य के क्षेत्र में दो-दो सड़कें बनाई जाएंगी। उन्होंने सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्र में मनरेगा के तहत दो-दो सड़कों का प्रस्ताव और सभी से 35-35 लाख रुपये कार्ययोजना मांगी। इससे सड़क, नाली, खड़ंजा बनावाने और सोलरलाइट लगवाई जाएगी। सदस्य राजेेश नारायण तिवारी ने जिगना मिश्रपुर मार्ग का नवीनीकरण कराने की मांग की। कहा, इस जर्जर सड़क पर आवागमन प्रभावित हो रहा है। मिश्रपुर सीतामढ़ी घाट पर पीपा पुल बनवाने, गैपुरा से जिगना राष्ट्रीय राजमार्ग को नए सिरे से बनवाने की मांग की। यह भी कहा कि संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय को मंडलायुक्त कार्यालय में शिफ्ट किया जाए। जिला पंचायत भवन सुंदर बनाया जाए और सदस्यों के लिए गेस्ट हाउस बनाया जाए।
सदस्य वसीम अहमद ने मुसहरों को प्रधानमंत्री आवास देने की मांग की। कल्याण यादव ने दो माह में कम से कम एक बार जिला पंचायत की बैठक कराने की मांग की। शैलेश पटेल, ममता सिंह, महेंद्र आदि ने क्षेत्र की समस्याएं उठाईं। संचालन अपर मुख्य अधिकारी विंध्याचल सिंह कुशवाहा ने किया। बैठक में सदस्य अमरेश चंद्र यादव, आरती सिंह, उर्मिला चौधरी, सविता यादव, पारो यादव, तपेश पटेल, रामाश्रय भारती, राजहंस, भगवान दास, नीतू सिंह सिसोधिया, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।
अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा छाया रहा : जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों ने क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सकों के नदारद रहने का मुद्दा उठाया और कार्रवाई की मांग की। जिला पंचायत सदस्य राजेश नारायण तिवारी समेत अन्य ने कहा कि अस्पतालों में रात में डाक्टर नहीं रहते हैं जिससे ग्रामीणों को इलाज में परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में शौचालय और जलनिकासी की गंभीर समस्या को दूर करने की मांग की। मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश सीमा पर जिला पंचायत सदस्यों के नाम का बोर्ड लगवाने की मांग की। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में हुई धांधली की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरोई के निर्माणधीन भवन को तत्काल पूरा कराने की मांग की।