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नौ साल से एक ही ठेकेदार बनवा रहा है विद्यालय में खाना

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विंधाचल । थाना क्षेत्र के परासिया गांव स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के अधिकांश बच्चे शुक्रवार की रात जहरीला खाना परोसने की घटना को लेकर लेकर डरे हुए हैं। बच्चों की माने तो विद्यालय में मानक के अनुरूप खाना नहीं बनाया जाता है। साफ सफाई का भी ध्यान नहीं दिया जाता है। इसके चलते बच्चों का खाना खाने का मन नहीं रहता है। इसके अलावा विद्यालय में मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी नाम मात्र की दी जा रही हैं।
बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित रॉयल ग्रुप ने लगातार नौ साल से इस विद्यालय में खाना बनाने का टेंडर ले रखा है। घटना के समय से ही विद्यालय का वार्डन भागा हुआ है। उसका कोई अता पता नहीं है। खाना बनाने वाले एक कर्मचारी ने बताया कि शुक्रवार की शाम को खाना बनाने के बाद बच्चों को खाना दिया गया था। कुछ देर बाद बच्चे हल्ला करने लगे कि खाने में छिपकली है। देखते ही देखते 44 छात्र बीमार हो गए। इससे विद्यालय में हड़कंप मच गया। सभी को आनन फानन में सीएचसी विंध्याचल ले जाया गया। धीरे धीरे सौ से अधिक बच्चे बीमार हो गए। उनको भी चिकित्सालय ले जाया गया। बच्चों को बीमार होता देख अन्य बच्चे भी डर गए। बताया गया कि वर्तमान समय में 430 छात्र विद्यालय में शिक्षारत हैं। इस समय परीक्षा चलने के कारण सभी छात्र मौजूद हैं। 18 अध्यापक सहित तीन कर्मचारी विद्यालय में तैनात हैं। जब बच्चों की हालत बिगड़ी तो विद्यालय में मौजूद फार्मासिस्ट भी गायब रहा। पूछने पर सिर्फ यही कहा जा रहा कि फार्मासिस्ट है । लोगों ने बताया कि कूड़ा फेंकने वाली गाड़ी से खाने को ले जाकर फेंका जाता है। रसोई में हमेशा गंदगी का अंबार लगा रहता है।
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अभिभावक गुस्से में
विंध्याचल। विद्यालय में जहरीले खाने की घटना से अभिभावक डरे और सदमे में हैं। शनिवार की सुबह से ही बच्चों को घर ले जाना शुरू कर दिया। प्रधानाचार्य जय सिंह द्वारा बताया गया कि रात में छिपकली गिर जाने से बच्चों की हालत बिगड़ी थी, लेकिन अब सभी बच्चे ठीक हैं। सभी छात्र हॉस्पिटल से विद्यालय में आ चुके हैं। दीपावली की छुट्टी की वजह से अपने अपने घर जा रहे हैं।
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मेन्यू का नहीं होता पालन
विंध्याचल। छात्रों ने बताया कि मेन्यू के अनुसार खाना नहीं मिलता है। सिर्फ रोटी और कोहड़े की सब्जी दी जाती है। दाल तो पानी की तरह रहता है। रात में सिर्फ खिचड़ी बनाई जाती है। बच्चों ने कहा कि मैनुअल के हिसाब से खिचड़ी नहीं बनाना चाहिए था। दोपहर 12 बजे पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी पी के सिंह औचित्य विद्यालय का निरीक्षण कर रसोईघर में पहुंचे। रसोई में गंदगी देख भड़क गए। ठेकेदार को भी हिदायत दी है कि मां विंध्यवासिनी की कृपा से सभी बच्चे सही सलामत हैं। जो खाना फेंका गया है वह फील्ड में बिखरा पड़ा था। उसे एक गड्ढा खोद कर उसमें डाल कर मिट्टी से ढंकने को कहा, ताकि कोई जानवर उसे खाकर बीमार नहीं पड़े।
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