जिगना। गैपुरा-रामपुर घाट के बीच गंगा नदी में अब तक पांटून पुल नही बनने के कारण छानबे क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोगों को जान हथेली पर लेकर गंगा के पार आना-जाना पड़ रहा है। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर नाविक मनमाना किराया भी वसूलते हैं और जरूरत से ज्यादा सवारियां भी लाद रहे हैं। पांटून पुल का निर्माण हर साल शरद पूर्णिमा तक हो जाता था लेकिन इस साल अब तक पुल नहीं बना।
इससे जोपा, ऊंचडीह, भैदपुर, नदिनी, निफरा, नीबी, नौगांव, विरौरा, बबुरा, सुपंथा सहित कई गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, व्यवसायी और श्रमिक गोपीगंज, भदोही और ज्ञानपुर आदि स्थानों पर आते-जाते हैं। पीपा पुल न बनने से या तो उन्हें 50 किमी का चक्कर काट कर उस पार जाना पड़ता है या फिर नाव से गंगा पार करनी पड़ती है। नाव की यात्रा अधिक सवारियां ढोने के कारण जोखिम भरी होती है। ऊपर से नाविक मनमाना किराया भी वसूल करते हैं। इस वर्ष पीपा पुल बंद होने के बाद स्टीमर भी नहीं चलाई गई। इससे दोनों ओर के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ओवर लोड नाव से सफर करना खतरे से खाली नहीं रहता है। कभी भी नाव हादसा होने का डर बना रहता है। आनंद सिंह गुड्डू, शशिशंकर मिश्र, जनार्दन प्रसाद पाठक ,भूपेंद्र शुक्ल साहब, लाल गोवर्धन सिंह, राकेश पांडेय, भाष्कर सिंह, संतोष कुमार आदि ने मंडलायुक्त का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पीपा पुल समय से चालू कराए जाने की मांग किया है। ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि यदि पीपा पुल जल्द तैयार न कराया गया तो अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।