मिर्जापुर। अदलहाट और जमालपुर क्षेत्र में कोडीनयुक्त कफ सिरप बिक्री के मामले में बृहस्पतिवार को दर्ज हुई प्राथमिकी के बाद शुक्रवार को जांच टीम ने जिले में बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एक अप्रैल 2024 से 23 अगस्त 2025 के बीच रांची के हटिया स्थित शैली ट्रैडर्स फर्म से मिर्जापुर के एके डिस्ट्रिब्यूटर्स को 36 हजार कोडीनयुक्त कफ सिरप भेजी गई थी। फर्म के पंजीकृत पते पर जब टीम पहुंची तो मकान मालिक ने बताया कि यह दुकान छह महीने से बंद है।
जांच टीम को आशंका है कि आपूर्ति किसी और के नाम से हो रही थी और माल कहीं और जा रहा था। अदलहाट के अचितपुर बरईपुर स्थित एके डिस्ट्रिब्यूटर्स फर्म से 16 महीने में 100 एमएल की 36 हजार कोडीनयुक्त कफ सिरफ की शीशी मंगाई गई थी। माना यह जा रहा है कि सिरप को जिले में मंगाकर महंगे दामों में अन्य जगहों पर बेचा गया है। यहां तक कि माल भी यहां नहीं उतारा जाता है। वैसे भी जिले के जिन थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई है, वह सभी वाराणसी के आसपास के क्षेत्र हैं। जिन फर्मों के नाम पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, वह छह महीने पहले ही बंद हो चुकी है। आशंका है कि इन बंद दुकानों के नाम पर कोडीनयुक्त सिरप मंगाकर भेजा जाता था। आरोपी के भागने के बाद आशंका है कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में कई और दुकानें एसआईटी के रडार पर हैं। औषधि निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि अभी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पहले भी हो चुकी है जांच
मिर्जापुर। कोडीनयुक्त कफ सिरप के मामले में पहले भी जिले में कई बार जांच हुई है। हलिया क्षेत्र में पहले जांच हुई थी। उस समय तो कुछ नहीं मिला था। जब छह महीने से बंद दुकान में हजारों शीशी का रिकॉर्ड मिला तब विभाग सक्रिय हो गया है। अब जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।