मिर्जापुर। श्री पंच दश नाम जूना अखाड़ा के तत्वावधान में सोमवार की सांयकाल बाबा बूढ़ेनाथ मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय के साथ ही काशी से आए कला-साधकों ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों को बाबा भोलेनाथ के चरणों में समर्पित किया। कलाकारों ने मधुर भजनों के साथ ही कत्थक नृत्य एवं भव्य झांकी पेश कर उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर बाबा बूढ़ेनाथ का तरह-तरह के पुष्पों से किया गया भव्य श्रृंगार एक अलौकिक छटा बिखेर रहा था।
सावन के दूसरे सोमवार को बूढ़ेनाथ मंदिर परिसर में पं. महेश्वरपति त्रिपाठी के शिष्यों द्वारा आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ बाबा भोलेनाथ का विधि- विधान से पूजन-अर्चन सहित गणपति वंदना कर कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन विंध्याचल के प्रख्यात जादूगर रतन कुमार ने किया। इसी क्रम में वाराणसी के कलाकार डा. ममता टंडन व विंध्याचल के मनीष शर्मा ने अपने भावपूर्ण कत्थक नृत्य प्रस्तुत कर भक्तों का मन मोह लिया। इसके बाद इन्होंने शिव-पार्वती का भावपूर्ण नृत्य पेश कर समां बांधा। वाराणसी के ही कलाकार गौरव मिश्र व भोलानाथ मिश्र ने अपने एक से बढ़कर एक भजनों से श्रोताओं को खूब झुमाया। स्थानीय कलाकारों में अजीत उपाध्याय, मोहन दास स्वामी, सोनू पाठक, निराला दूबे, अमित पांडेय, नीरज दूबे ने अपने मधुर भजनों को सुनाया। गायकों ने- हे भोले शंकर पधारो, हे शंभू बाबा मेरे भोलेनाथ, बम-बम बोल रहा है काशी..हे गणेश के पापा हमसे भंगिया पिसाई ना..सहित कई अन्य भजनों को भोलेशंकर के चरणों में समर्पित किया। कार्यक्रम में सभी कलाकारों का सम्मान मंदिर के महंत स्वामी योगानंद गिरि महाराज ने अंगवस्त्रम् भेंट कर किया। इस मौके पर गौरव गिरि, सुधानंद गिरि, कृति, अवधेश गिरि, शिवम गिरि, निलेश ऊमर, शुभम गुप्ता, विमल दूबे, सुशील, ओमशंकर गिरि, गौरव आदि मौजूद रहे।