सीखड़। सहायक निदेशक मत्स्य द्वारा सीखड़ के पचराव गांव को गोद लिया गया है। बावजूद इसके पांच हजार की आबादी आज भी विकास की बाट जोह रही है। गांव में समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। बारी में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया गया है, लेकिन गांव के कुछ शरारती लोगों ने भवन के दरवाजे व खिड़कियों को तोड़ दिया है। सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्र के अगल-बगल उपली पाथी जाती है तथा पंचायत भवन के आसपास अतिक्रमण किया जा रहा है। गांव में आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की लोगों द्वारा लगातार मांग की जा रही है।
विकास खंड सीखड़ के पचराव गांव में बिजली के जर्जर तार समस्या बने हुए है। पुराने एवं जर्जर तार आए दिन टूट कर गिरते रहते है। जिससे गांव के कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके है। गांव में पांच आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे है, भवन नहीं होने से प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन में चल रहा है। गांव के चमार दलित बस्ती में नाली जाम हो गया है, जिसके चलते लोगों के घरो का पानी खैरा सीखड़ मार्ग पर बह रहा है। गांव के राम सागर ने कई बार तहसील दिवस पर भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन आजतक कोई कार्रवाई नही हुई है। गांव में 134 शौचालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन अभी करीब 80 शौचालय की दरकार है साथ ही 35 आवास में से तीन बन चुके है। 10 आवास के लिए पैसा आ चुका है। गांव में दो प्राथमिक विद्यालय है। गांव में नाली खड़ंजा और इंटरलाकिंग कराया गया है। पचराव गांव तक पक्की सड़क बनी है, जो काफी खराब हो गयी है।
ग्राम प्रधान सुरेश सिंह ने बताया कि गांव में काफी कार्य किया है और करने का प्रयास किया जा रहा है। गांव के विकास कार्य का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। ग्रामीण सुशील तिवारी ने बताया कि गांव के तार काफी जर्जर हो चुका है, जो आए दिन टूट कर गिरता रहता है अभी एक हफ्ता पहले तार टूटकर गिरने से गांव का एक युवक झुलस गया, जिसका इलाज चल रहा है। ग्रामीण राम सागर ने खैरा सीखड़ मार्ग पर तत्काल नाली निर्माण कराए जाने की मांग की है। जिससे जल निकासी में परेशानी नही हो। ग्रामीण उमेश पांडे ने आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने व पचरा गांव में आने वाली सड़क को तत्काल बीच कराए जाने की मांग की है
सहायक निदेशक मत्स्य मुकेश सारंग ने बताया कि शासन की मंशानुरूप गोद लिए गए गांवों का चतुर्दिक विकास कराया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर हरसंभव और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है।