मिर्जापुर, मड़िहान। गर्मी शुरु हुई नहीं लेकिन पानी का टोटा पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिलने लगा है। जिले के पटेहरा ब्लॉक के 28 गांवों से पानी नदारद है। हालत यह है कि लोगों ने पीने के पानी को एकत्र करने के लिए नहाना छोड़ दिया है। एक दो हैंडपंपों के सहारे कई गांवों की पेयजल व्यवस्था चल रही है। ब्लॉक के अधिकांश गांवों में पानी नहीं होने के चलत लोग पूरी रात एक बाल्टी पानी लेने के लिए लाइन लगाने को मजबूर हैं। इसका खुलासा जिला प्रशासन कराए गए सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। जल्द ही यहां कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे।
ग्रामीणों ने तहसील दिवस के दौरान जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत किया था कि पटेहरा ब्लॉक के अधिकांश गांवों में पानी नहीं है। तहसील दिवस पर मिले शिकायती पत्र के आधार पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए ग्राम विकास अधिकारियों से इसकी जांच कराई। जांच में पाया गया कि ब्लाक के 28 गांवों में पानी का घोर अभाव है। जलस्तर काफी नीचे खिसक गया है। प्रभावित गांवों में मौजूद हैंडंपप सूख गए हैं। कुएं भी वर्षों से सूखे पड़े हैं। पोखरा व तालाब भी किसानों द्वारा सिंचाई करने के कारण इक्का दुक्का सार्वजनिक हैंडपंपों के सहारे पूरे गांव के लोग पानी पी रहे हैं। इन हैंडपंपों में भी रुक रुक कर पानी आ रहा है। इससे हैंडपंप पर एक दो बाल्टी पानी के लिए ग्रामीण पूरी रात जागने को मजबूर हो गए हैं। पानी नहीं मिलने से ब्लॉक के गांवों में हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण अपना कामकाज छोड़ कर पानी के लिए परेशान हैं।