जिगना। ग्राम पंचायत किशुनपुर में खुली बैठक के दौरान कार्यवाही रजिस्टर फाड़ने व विवाद होने पर मामला थाने पहुंच गया। ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीकृष्ण उपाध्याय ने तीन लोगों के खिलाफ सरकारी में बाधा पहुंचाने तथा रजिस्टर फाड़ने व अनुचित दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। आरोपी पक्ष ने भी एक दूसरे पक्ष पर रजिस्टर फाड़ने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
बताया जाता है कि शनिवार को पंचायत भवन नेगुराचौबे परतिया में सस्ते गल्ले की दूकान हेतु खुली बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान उपस्थिति का हस्ताक्षर बनवाया जा रहा था, कि एक पक्ष गुप्त मतदान के द्वारा दूकान आवंटन की मांग करने लगा। बैठक के प्रभारी सहायक विकास अधिकारी कृषि महेंद्र प्रसाद मिश्र व ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीकृष्ण उपाध्याय ने लोगों से ऐसा नहीं होने की बात कही। उनका कहना था कि खुली बैठक के माध्यम से ही चयन होगा। इसी बीच हल्ला गुल्ला शोर शराबा होने लगा और मेज पर रखा रजिस्टर भी फट गया। देखते देखते ही दो पक्ष आमने सामने हो गए और एक दूसरे को मारने पीटने के लिए तैयार हो गए। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने समझाने बुझाने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। उक्त प्रकरण को लेकर तनाव देेख ग्राम पंचायत अधिकारी ने तीन लोगों के विरुद्घ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और रजिस्टर फाड़ने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। वहीं स्थिति बिगड़ते देख आरोपी पक्ष ने भी थाने पहुंच कर घटना की तहरीर दी। उक्त प्रकरण को लेकर गांव में तनाव बना हुआ है।