लालगंज। उपज से अधिक धान बेचने के मामले में क्षेत्रीय विपणन अधिकारी ने दो किसानों पर शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कराया। दोनों किसानों ने सरकारी नीति के साथ जालसाजी का खेल खेलते हुए ऐसे कारनामे को अंजाम दिया। उनके विरुद्ध फर्जी डाटा फीडिंग करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
क्षेत्रीय विपणन अधिकारी मानचंद ने प्रार्थना पत्र देकर मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में इन किसानों द्वारा विक्रय किए गए धान की मात्रा संदिग्ध पाए जाने पर प्रमुख सचिव खाद्य एव रसद के निर्देश पर जिलाधिकारी द्वारा भू-अभिलेख एवं विक्रीत धान की जांच कराई गई। उमाशंकर चर्की कला एवं राकेश दुबार कला द्वारा क्रय केंद्र पर क्षमता से बहुत अधिक मात्रा में धान की बिक्री पाई गई। दोनों किसानों ने ऑनलाइन फीडिंग फर्जी तरीके से पोर्टल पर फीड करा दिया था। तहसील के सत्यापन आख्या से यह तथ्य सामने आया है कि दोनों किसानों द्वारा रकबे से अधिक धान विक्रय एवं भुगतान प्राप्त किया गया है। जांच में पाया गया कि क्रय केंद्र पर गलत कागजातों को पेश करके अधिक धान बेच दिया गया है। दोनों किसानों के फर्जी धान विक्रय किए जाने का प्रमाण जांच में पाया गया है। गौरतलब है कि कंप्यूटराइज फीडिंग के बाद भी गलत कैसे हुआ। जबकि क्रय केंद्र पर कई बार उच्चाधिकारियों ने समय-समय पर जांच के नाम पर खानापूर्ति करते रहे। इसके बाद भी यह जालसाजी सच में सामने आने पर किसानों को चकित कर रहा है। पारदर्शिता के दौर में ऐसा होना मानवीय गलती नहीं मानी जा सकती। इस तरह की यह पहली कार्रवाई है, जिससे गलत कार्य करने वालों भय व्याप्त हो गया है।