मिर्जापुर। फसल ऋण मोचन योजना के तहत कर्जमाफी की आस एक बार किसानों में जगी है। कर्जमाफी से वंचित आठ हजार किसानों ने 15 अप्रैल तक मुख्यमंत्री के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों की जांच बैंक और तहसीलों से कराने के बार पात्र किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने लघु और सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक कर्ज ऋण मोचन योजना के तहत माफ किया है। कर्जमाफी से कई किसान वंचित हो गए हैं। इन वंचित किसानों को योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री ने पोर्टल लांच किया है जिसपर फसल ऋण मोचन योजना और एनपीए समाधान योजना की शिकायत आनलाइन दर्ज कराई जा सकती है। अपर मुख्य सचिव के निर्णय के बाद पोर्टल को 15 अप्रैल से खोल दिया गया था। उप कृषि निदेशक डा. अशोक उपाध्याय ने बताया कि 15 अप्रैल तक आठ हजार किसानों ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। किसानों से मिली शिकायतों की जांच बैंक और तहसीलों से कराई जाएगी। जांच के दौरान पात्र किसानों की सूची बनाकर शासन के वेबसाइट पर भेजी जाएगी। शासन से बजट मिलने के बाद पात्र किसानों का कर्ज माफी किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक डा. अशोक उपाध्याय ने बताया कि जिले के 49 हजार किसान कर्ज माफी के दायरे में आए हैं। शासन ने 234 करोड़ का बजट जारी किया था, जिससे 39 हजार किसानों का कर्ज माफ किया गया था। करीब 10 हजार किसान कर्ज माफी से वंचित हैं। कृषि विभाग ने सरकार से नौ करोड़ रुपये की मांग की है। वंचित आठ हजार किसानों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।