मिर्जापुर। जिले के 40 गांवों में 70 से अधिक ट्रांसफार्मर हफ्तों से जले हैं। जले पड़े है। बिजली विभाग के अधिकारी 72 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का दावा भले करें लेकिन हकीकत यह है कि महीने भर तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिजली गुल होने से धान की खेती तो सूख ही गई। कारोबार, पढ़ाई और रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हैं।
जमालपुर ब्लाक के मचखानी, सहेवा, महेवा, शेरवां, घरवाह, हरदी सहजनी, मोहद्दीनपुर, कौड़िया कला, अहरौरा टाउन, पिड़खीर, डवक, जरगो जलाशय के डाक बंगले का ट्रांसफार्मर हफ्ते भर से अधिक समय से जला हुआ है। इसी प्रकार मड़िहान के देवरी खास, मटिहानी, कछवां के केवटावीर, महामलपुर, आही, नरायनपुर, चकिया, सिवानीपुर, रामापुर, छानबे क्षेत्र में सिहौली, चड़ेरू चौकठा, नेगूरा, पड़री क्षेत्र में दाढ़ीराम, टेढ़ा, टिगोड़ा, चांदलेवा, गोपालपुर, गहिरा, टिकरी, कनौरा, भिलगों, डगमगपुर आदि, हलिया क्षेत्र के बरौधा, लहुरिया दह, भसोड़ बलाय पहाड़, शिवराजपुर, दिघुली, ढोबापुर के अलावा लालगंज, चील्ह, चुनार व नरायनपुर, अदलहाट आदि स्थानों पर 70 से अधिक ट्रांसफार्मर जले पड़े है। इन ट्रांसफार्मरों से जुड़े 40 गांवों की बिजली गुल है। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और संचार व्यवस्था भी अस्त-व्यस्त है। बारिश कम होने के कारण ट्यूबवेल से लोग खेतों को सिंचाई नहीं कर पाए। ट्रांसफार्मरों को बदलवाने के लिए विभागीय अधिकारियों के यहां चक्कर लगाते लगाते ग्रामीण थक चुके है। हलिया पावर हाउस के अवर अभियंता हौसिला प्रसाद का कहना है कि जिले पर ट्रांसफार्मर ही नहीं हैं। हालांकि विद्युत वितरण खंड चुनार के अधिशासी अभियंता रणविजय सिंह का दावा है कि चुनार क्षेत्र के अधिकांश ट्रांसफार्मर बदले जा चुके हैं। जो बचे हैं, उनको भी जल्द ही बदलने को कहा गया है। उन्होेंने कहा कि घरवाह जैसे कुछ गांव हैं, जहां एक भी कनेक्शन नहीं हैं। वहां ट्रांसफार्मर तभी बदले जाएंगे जब लोग कनेक्शन लेंगे।