मिर्जापुर। लखनऊ में शिक्षामित्रों के संयुक्त मोर्चे के साथ सचिव स्तरीय बैठक के असफल रहने से काफी रोष दिखा। समायोजित शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट पर मंगलवार को भी धरना प्रदर्शन किया। सातवें दिन नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरनारत समायोजित शिक्षामित्रों से वार्ता किया। विधायक ने कहा कि जिले के शिक्षामित्रों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे, वैसे भी सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। महिला शिक्षामित्रों ने नगर विधायक को राखी बांधा और विधायक ने शिक्षामित्रों और उनके परिवार के हितों की रक्षा का संकल्प दिया।
आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पर मंगलवार को अनवरत जारी रहा। जिलाध्यक्ष अजयधर दूबे ने कहा कि शिक्षामित्र संयम के साथ संघर्ष करें, संयम से ही लड़ाई जीती जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा निर्णय में शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी की गई है, न्यायालय ने निर्णय में कहा कि सरकार चाहे तो समायोजन के पहले की स्थिति में शिक्षामित्रों की सेवा जारी रख सकती है। सरकार संसद में शिक्षा नियमावली में संशोधन करते हुए राहत प्रदान करें। सुनील पटेल ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित में तत्काल कदम उठाए जिससे उनका भविष्य अंधकारमय नहीं हो। धरना प्रदर्शन के दौरान आदि शंकर दूबे, विनोद सरोज, अजय साहनी, दिनेश सिंह, राजेश मिश्रा, राज सिंह, अर्चना गुप्ता, अंजना चौधरी ने समस्या समाधान करने की मांग की। धरने में डीडी त्रिपाठी, विनय सिंह, माला सिंह, गीता, अनीता, वंदना सिंह, प्रियंका सिंह, राज बहादुर साहनी, ललिता मौर्य, साधना, श्वेता, राजेश, रामानुज, प्रमेंद्र, दिनेश सिंह, डाक्टर भारती, संदीप शर्मा, राजमंगल तिवारी, रामदेव, ब्रहमदेव, संदीप शर्मा, राजेश, अशोक यादव, राज सिंह, अकरम आदि मौजूद रहे।