मिर्जापुर। पिछले 10 दिनों से निरंतर हो रही झमाझम बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जलभराव होने से आवागमन बाधित रहा, वहीं खेतों में लबालब पानी भरने से किसान अब इंद्रदेव से बारिश थमने की प्रार्थना कर रहे हैं। गंगा व उसकी सहायक नदियों सहित नाले व तालाबों में उफान से जहां गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, वहीं खेतों में पानी भरने से किसान चिंतित हैं। मंगलवार को भी थम-थम कर हो रही बारिश से जनजीवन बेहाल रहा।
सावन महीने के आरंभ होते ही भगवान इंद्रदेव अपने पूरे मिजाज में आकर कभी मूसलाधार कभी झमाझम तो कभी रिमझिम फुहार से लोगों को भिगो रहे हैं। लगातार हो रही बरसात से जहां जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं ग्राम्यांचलों में खेत जलमग्न होने से धान की नर्सरी चौपट होने का भी खतरा मंडराने लगा है। कृषक अब दिन रात इंद्रदेव से बारिश थमने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। थम-थम कर हो रही बारिश से नगर सहित जनपद के ग्राम्यांचलों की सड़कों पर जलभराव व कीचड़ होने से राहगीरों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ा। मंगलवार को गंगा तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही थीं। गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 66.890 मीटर रहा जबकि खतरे का निशान 77.724 मीटर है। मूसलाधार बारिश से जिले के नदी-नाले व तालाब भी उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। निरंतर हो रही बारिश से बच्चों को स्कूल भीगते हुए जाना पड़ा, वहीं लौटते समय भी बच्चे भीगते हुए वहीं कुछ बच्चे रिक्शे पर तो कुछ अपने अभिभावकों के साथ छाता के सहारे अपने घर को गए। बारिश के थमने के बाद नगर के कई इलाकों में भीषण जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। नगर सहित विंध्याचल के कई इलाकों में भारी बारिश बाद कीचड़ होने से वाहन फंसे रहे, जिससे आवागमन घंटों प्रभावित रहा।