मड़िहान। सोनभद्र के घोरावल स्थित शिवद्वार आने वाले कांवरियों को सड़क खराब होने के चलते इस बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते सड़कों पर फैली गिट्टी के चलते कांवरियों के पांव छिल सकते हैं। जिससे उनको मिर्जापुर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी 600 किलोमीटर की दूरी तय करने के बराबर होगी।
बता दें कि सोनभद्र जनपद के शिवद्वार स्थित भोलेनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कई जनपदों से भक्त जाते हैं। सरहद पर मध्यप्रदेश के लोग भी भोलेनाथ का दर्शन करने के लिए शिवद्वार मंदिर तक हजारों की संख्या में आते हैं। मिर्जापुर से शिवद्वार मंदिर की दूरी साठ किलोमीटर है। कांवरियों के लिए अलग से कोई भी रास्ता नहीं बनाया गया है। किंतु बड़े वाहनों को रोक कर मुख्य मार्ग से कांवरिया दर्शन पूजन व जलाभिषेक के लिए जाते हैं। मड़िहान से घोरावल मार्ग पर धुरकर नदी तक रास्ते में गड्ढा गिट्टी कंक्रीट होने के कारण शिवभक्तों को राबर्ट्सगंज रोड से ददरा होते हुए नहर व खेतों से घोरावल तक जाना पड़ रहा है। मड़िहान से धुरकर तक 13 किलोमीटर तक रास्ता खराब होने से कांवरियों को नंगे पांव चलने के काबिल नहीं है। कांवरिये रास्ता बदलने में भलाई समझ रहे हैं। इससे उन्हें कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। शिवभक्तों की सुविधा के लिए शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया है।