मिर्जापुर। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय टीबी टास्क फोर्स समिति की बैठक कर प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी को चिकित्सकों की टीम भेजकर ईंट भठ्ठों, खनन कार्य व कालीन में लगे मजदूरों का जांच कराने का निर्देश दिया। जनपद में कोई भी टीबी का मरीज छूटने न पाए सभी की जांच कर इलाज की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मेडिकल आफिसरों की टीम बनाकर घर-घर जाकर टीवी के रोगी को खोजें और टीबी के लक्षण के बारे में जानकारी देकर लोगों को जागरूक करें। टीवी लक्षण पाए जाने पर उस व्यक्ति का बलगम लेकर जांच कराई जाए और दो दिन के अंदर इलाज प्रारंभ कराएं। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि प्राइवेट अस्पतालों, केमिस्ट के दुकानों को एक पत्र जारी कर अवगत कराएं कि यदि उनके पास कोई टीवी का मरीज जाता है तो वे जिला क्षय चिकित्सालय में जाने की सलाह दें, ताकि उसका सही जांच कर इलाज किया जा सके। डीएम ने कहा कि यदि किसी प्राइवेट चिकित्सक व केमिस्ट द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है या बिना जांच कराए दवा दिया जाता है तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपद के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई टीवी का मरीज हो तो उसे तत्कल जिला क्षय चिकित्सालय भेजें। प्रथम सूचना देने वाले को पांच सौ रुपया प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जाएगा।
जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी ने कहा कि इलाज के बाद मरीज को समय-समय दवा खिलाने वाले को एक हजार रुपया और एक अप्रैल 2018 तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले टीवी मरीज को पांच सौ रुपए प्रतिमाह इलाज के समाप्ति तक प्रदान किया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी तिवारी ने बताया कि टीवी मरीज के खोज के लिए जनपद में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की 142 टीम बनाई गई है, जो घर-घर जाकर टीवी मरीजों की खोज करेगी और चिंहित व्यक्ति का बलगम लेकर जांच कर उपचार किया जाएगा। प्रत्येक टीम के निगरानी के लिए प्रत्येक पांच टीम पर एक सुपरवाइजर तथा प्रत्येक 15 टीम पर एक मेडिकल आफिसर होंगे। प्रत्येक टीम एक दिन में कम से कम 50 घर का सर्वे करेगी और लक्षण की जांच करेगी।