चुनार। सनबीम स्कूल नरायनपुर के बच्चे बुधवार को तहसील पहुंचकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मुलाकात कर उनसे विधिक जानकारी दिए जाने का अनुरोध किया। बार अध्यक्ष शीतला प्रसाद सिंह ने बार भवन में बच्चों को जानकारी दिए जाने हेतु वरिष्ठ अधिवक्ताओं से वार्ता कर बच्चों का साक्षात्कार और अधिवक्ताओं द्वारा बच्चों को विधिक जानकारी दी गयी।
स्कूल की छात्रा पलक सिंह ने प्रश्न किया कि अपराध क्या और कितने तरह का होता है जिस पर अधिवक्ता राजेश्वरी प्रसाद त्रिपाठी ने बच्चों को बताया कि किसी भी नियम को तोड़ना अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कोई बाइक सवार बिना हेलमेट के वाहन चला रहा हो और वाहन की गति काफी तीव्र हो वह किसी व्यक्ति को धक्का मार देता है। जिससे वह घायल हो जाता है या फिर उसकी मौत हो जाती है तो यह भी एक प्रकार का अपराध ही है। क्योंकि बाइक सवार ने यातायात नियमों का उलंघन किया है। ऐसे लोगों के खिलाफ मोटर एक्ट के तहत उन्हें दंडित किए जाने का प्राविधान बनाया गया है। इसी प्रकार किसी के रखें गये सामान को बिना अनुमति के उठाकर अपने पास रख लेना, किसी के किसी को किसी प्रकार से क्षति पहुंचाना, किसी व्यक्ति को बिना किसी कारण मारना- पीटना, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना ये सभी कार्य अपराध की श्रेणी में आते हैं और इनके लिए अलग -अलग एक्ट के तहत दंड देने का प्राविधान बनाया गया है। ऐसे ब्यक्तियों को विभिन्न न्यायालयों में बैठे न्यायिक मजिस्ट्रेट और संबधित अधिकारियों द्वारा उन्हें दंड देने की व्यवस्था बनाई गयी है। गरिमा सिंह ने प्रश्न किया कि अपराध कैसे रोका जा सकता है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येंद्र नाथ दिवेदी ने कहा कि यदि नियम तोड़ने वाले ब्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तो अपराध पर नियंत्रण होगा। इस अवसर पर शिवशंकर सिंह, निखिल सिंह, दिनेश सिंह आदि अधिवक्ताओं ने भी बच्चों को पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देकर उन्हें संतुष्ट किया।