मिर्जापुर। नकहरा स्थित जल निगम के कार्यालय पर उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के तत्वावधान में जल निगम के इंजीनियरों और कर्मचारियों की ओर से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। शुक्रवार को अध्यक्षता करते हुए यशवंत प्रजापति ने कहा कि प्रदेश सरकार जल निगम के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई तक मांगों के पूरा न होने पर आगामी 19 जुलाई से लखनऊ में धरना-प्रदर्शन होगा।
प्रवक्ता संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि इंजीनियर जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाने और जल निगम कर्मियों का लंबित वेतन, पेंशन, सप्तम वेतनमान की मांग कर रहे हैं। इससे कर्मचारियों में काफी रोष है। अधिशासी अभियंता जल निगम एके सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में से शुद्ध पेयजल केवल 13 प्रतिशत लोगों को मिल पा रहा है। वहीं, छह करोड़ शहरी आबादी में से मात्र 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा मिल पा रही है। प्रदेेश सरकार के तमाम वादों के विपरीत आज भी पेयजल संकट कायम है। सरकार इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। वर्तमान में उक्त कार्यों की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम को समाप्त करने पर अड़ी हुई है। उदयनाथ सिंह यादव ने कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप रिबोर का कार्य और नए हैंडपंपों के अधिष्ठापन का कार्य अन्य संस्थाओं द्वारा कराया जा रहा है। इससे सेंटेज पर कार्य कर रही उप्र जल निगम की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। इस दौरान भरत दूबे, दिनेश कुमार, वकील अहमद, विकास अग्रहरी, दिनेश कुशवाहा, सुनील कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, अरुण कुमार, यशवंत प्रजापति, नर्वदेश्वर आनंद, उदयनारायण, दीनानाथ पाल, किशुनराम आदि ने प्रदर्शन किया।