चार लोगों की मौत के बाद बिलखती परिवार की महिलाएं
मिर्जापुर। सोनभद्र-मिर्जापुर मार्ग पर लूसा गांव के पास शनिवार की शाम हुई सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत लालगंज के दुबारी गांव में मातम छा गया। हादसे में काल के मुंह समा गए चिकित्सक डा. गुलाब मिश्र और उनके तीन पौत्र-पौत्रियों की मौत की खबर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता और पुत्र-पुत्रियों की मौत की सूचना मिलते ही डा. गुलाब के बड़े पुत्र अरुण बेहोश हो गए। परिवार की महिलाओं की सिसकियां गूंज उठीं। दरवाजे पर पहुंचे गांव के प्रत्येक व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
चिकित्सक डा. गुलाब मिश्र मूलत: विंध्याचल थाना क्षेत्र के तेलियानी बिरौरा के रहने वाले थे। वर्ष 1980 में वह परिवार के साथ दुबार कला में आकर बस गए थे। डा. गुलाब मिश्र के बीएमएस की डिग्री थी। उनके छोटे पुत्र डा. संजय भी दंत रोग विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। डा. गुलाब दुबारी बाजार में ही आराध्य के नाम से क्लीनिक चलाते थे। गांव में उनके परिवार की काफी प्रतिष्ठा थी। गांव के लोग उनसे इलाज कराया करते थे। डा. गुलाब मिश्र के छोटे बेटे डा. संजय की एक वर्ष पूर्व ही राबर्ट्सगंज के बरकरा गांव निवासी हरिगोविंद चौबे की बेटी प्रीति से शादी हुई थी। इन दिनों प्रीति मायके में है। बहू की विदाई कराने के लिए डा. गुलाब शनिवार को अपने तीन पौत्र-पौत्रियों के साथ कार से बरकरा जा रहे थे। शनिवार की शाम वह लूसा गांव के पास पहुंचे ही थे कि चालक उस्का गांव निवासी अशोक मिश्र को छपकी आ गई और तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा कर खाई में गिर गई। इस हादसे में डा. गुलाब, उनका पौत्र अविरल, पौत्री सृष्टि तथा यशस्वी पुत्र अरुण मिश्र तता चालक अशोक की मौत हो गई। पुलिस के पहुंचने पर जब परिवार के लोगों की शिनाख्त हुई तो इसकी जानकारी परिवार के लोगों को दी गई। पिता और पुत्र-पुत्रियों की मौत सूचना मिलते ही डा. गुलाब के बड़े पुत्र अरुण बेरोश हो गए। परिवार की महिलाएं फफक कर रोने लगीं। कुछ ही समय में गांव के लोगों को हादसे की जानकारी हो गई। जानकारी होते ही लोग उनके दरवाजे पर पहुंच गए जबकि बहुत से लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद अब परिवार में परिवार में डा. गुलाब मिश्र के बड़े पुत्र अरुण मिश्र, छोटे पुत्र डा. संजय, बड़ी बहू चंचला और डा. गुलाब की पत्नी रह गई हैं।
मातम में बदली बहू के आने की खुशी
मिर्जापुर। दुबार कला निवासी डा. गुलाब मिश्र के परिवार में छोटी बहू के आने को लेकर खुशी का माहौल था लेकिन हादसे में चार लोगों की मौत के बाद मातम छा गया। छोटी बहू प्रीति पत्नी डा. संजय की विदाई के लिए डा. गुलाब मिश्र जब राबर्ट्सगंज के बरकरा जाने की तैयारी की तो पौत्र-पौत्रियों ने भी चाची के घर जाने की जिद की। अरुण के पुत्र अविरल, सृष्टि और दो वर्षीय यशस्वी इस बात को लेकर खुश थे कि वे चाची के घर जाएंगे और उनको लेकर आएंगे। डा. गुलाब की पत्नी, बड़ी बहू चंचला, बेटे अरुण और डा. संजय भी काफी खुश थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि बहू की विदाई के पहले ही हादसे में परिवार के चार सदस्यों की जान चली जाएगी।