फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चैत्र पूर्णिमा पर पांच लाख भक्तों ने लगाई हाजिरी

विज्ञापन
विंध्याचल मंदिर में दर्शन के लिए खड़े भक्त
विज्ञापन
विंध्याचल। चैत्र शुक्ल पक्ष के पूर्णिमा के अवसर पर विंध्यधाम में शनिवार को भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस मौके पर लगभग पांच लाख भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाया। धाम में सजी दुकानों पर भक्त ठसा-ठस भरे रहे। प्रसाद लेने के लिए भी लोगों को इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन

क्या छोटा क्या बड़ा मां के दरबार में सभी एक समान माता के दर्शन के लिए कतार में खड़े रहे। कोई गर्भ गृह तो कोई झांकी से मां का दीदार किया। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। विंध्याचल धाम के पक्काघाट, दीवानघाट, अखाड़ाघाट, इमलीघाट पर स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। महिलाएं मिटटी के चूल्हे पर पूड़ी व हलवा बनाकर माता को भोग लगाईं। मंगला आरती के दौरान घंटा, शंख, नगाड़ा व मंत्रोच्चार के स्वर में भक्त लीन रहे। इस दौरान श्रद्घालु माता के जयकारे लगाते रहे। चैत्र पूर्णिमा पर पुष्पों से सजी मां की झांकी देखकर भक्त निहाल हो उठे। दर्शन पूजन के उपरांत मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी देवताओं के भी भक्तों ने दर्शन पूजन किए। इसके बाद हवन कुंड की परिक्रमा कर पुण्य के भागी बने। दर्शनार्थी मां काली, अष्टभुजा व मां तारा देवी के दर्शन कर त्रिकोण परिक्रमा भी किए।
चैत्र माह की पूर्णिमा पर शनिवार को धाम में पहुंचे लाखों भक्तों व सैकड़ों वाहनों के कारण विंध्यधाम में लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम में फंसकर दूर दराज से आए भक्तों को काफी परेशानी हुई। पुलिस की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था नहीं होने से इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। रेलवे स्टेशन व रोडवेज पर यात्रियों का शुक्रवार देर रात्रि से आना जारी रहा। चार पहिया वाहनों के मेला क्षेत्र में घुस जाने से जाम की समस्या उत्पन्न हुई।
विज्ञापन

विंध्यधाम में मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन रविवार को चार घंटे तक बंद रहेगा। भक्त केवल मंगला आरती के बाद से सुबह 10 बजे तक ही दर्शन पूजन कर पाएंगे। श्रद्धालु सुबह 10 बजे से पक्का घाट व अन्य घाटों से मिट्टी के घड़े में गंगा जल भरकर मां विंध्यवासिनी मंदिर की धुलाई करेंगे। इसके लिए सुबह से ही गली व चौराहों पर घड़ों की दुकानें सज गयी थीं। विंध्य पंडा समाज की ओर से मां विंध्यवासिनी का विशेष पूजन व अर्चन सायंकाल विधि विधान से किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें