जिला मुख्यालय पर धरना देते अपना दल के कार्यकर्ता
मिर्जापुर। किसानों की समस्याओं को लेकर अपना दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर धरना दिया। इस दौरान छुट्टा पशुओं से मुक्ति दिलाने, निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की। जिलाध्यक्ष रमाशंकर पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित दस सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
धरना सभा में अपना दल के जिलाध्यक्ष ने कहा किसान लगातार आर्थिक तंगी के चलते आत्म हत्या कर रहे हैं। कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने किसानों को खुशहाल बनाने का वादा किया था। चुनाव केे दौरान स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, उपज का समर्थन मूल्य दिलाने एवं किसानों की कर्ज माफी की बात की थी लेकिन चुनाव जीतने के बाद सरकार ने वादा पूरा नहीं किया। आलू किसान बदहाली में जी रहा है। परेशान किसानों ने सैकड़ों ट्राली आलू विधान सभा के सामने फेंक कर अपना रोष प्रकट किया था। कहा कि सरकार 2022 में उपज को दूना करने की बात कर रही है, जो जुमला ही नजर आ रहा है। कहा कि बढ़ते डीजल व विद्युत के दामों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कहा कि 65 हजार करोड़ से घटाकर 23 हजार करोड़ बजट कर दिया गया है जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि शिक्षा को बेहतर न बनाकर सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आलू का समर्थन मूल्य तय करने, ब्लॉक पर कोल्ड स्टोरेज बनाने, निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने, जस्टिस लोया की मौत की सीबीआई जांच में सुप्रीम कोर्ट के जजों के बयान को भी संज्ञान में लेने, आरक्षित वर्गों के तीन लाख पदों को शीघ्र भरने की मांग की। धरने में शीला गोंड, महिला जिलाध्यक्ष कमला प्रसाद पटेल, हामिद अली, श्याम पति पासी, महेंद्र गोंड, सुरेश सिंह, पंकज सिंह, राधारमण सिंह, संदीप सिंह, संतोष राजपूत, संजय, भरत लाल, जमुना जायसवाल आदि उपस्थित रहे।