चील्ह, जिगना। स्काउट-गाइड प्रशिक्षण से जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है। इससे जीवन के हर मोड़ पर आने वाली परेशानियों का आसानी से रास्ता निकालने का सलीका आता है। प्रशिक्षण से व्यक्ति स्वावलंबी बनता है और उसके व्यक्तित्व विकास होता है। यह विकास खंड कोन स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में स्काउट-गाइड प्रशिक्षण के दूसरे दिन जिला समन्वयक चंद्रशेखर आजाद ने कहीं। शिविर में ध्वज शिष्टाचार, प्राथमिक चिकित्सा, गांठफांस आदि का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रमेश राय ने कहा कि सरकार बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। ऐसे प्रशिक्षणों से शिक्षा के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होता है। जिला स्काउट मास्टर कुलदीप शुक्ला ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने गाइड को गांठ-फांस, प्राममिक चिकित्सा, ध्वज शिष्टाचार, नियम, प्रतिज्ञा, प्रार्थना, झंडा गीत आदि की जानकारी दिया। दूसरी पाली में सिटी के संकेत, टोली विभाजन, वीपी सिक्स, प्रेरणा गीत आदि कराया गया। इस दौरान प्रशिक्षक आरती कटियार, सुनील सिंह, सर्वेश सिंह, अंजनी त्रिपाठी, प्रीति सिंह, अशोक कुमार ने भी प्रशिक्षण कराया। इसी क्रम में छानबे ब्लॉक के नेवढ़िया स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में जिला गाइड कैप्टन सत्यंबदा सिंह ने गाइड को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान धीरेंद्र प्रताप सिंह, दिलीप कुमार, मंजुला मौर्या आदि ने गाइड को प्रशिक्षण का महत्व बताया।