मिर्जापुर। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. आरके शुक्ला ने सोमवार को मंडलीय चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक रहे डा. ओमप्रकाश शाही को बुलाकर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य द्वारा जारी किए गए निलंबनपत्र सौंप दिया। बताया कि शासन ने इस पत्र को संबंधित अधिकारी को रिसीव कराने का निर्देश दिया था।
प्रमुुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने मंडलीय चिकित्सालय में गत महीने जलाई गई सरकारी दवा समेत अन्य कार्यों की जांच रिपोर्ट मिलने पर काफी विवाद से घिरे मंडलीय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. ओम प्रकाश शाही को शनिवार की देर रात निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए डा. शाही को लखनऊ मुख्यालय से संबंद्घ कर दिया गया। उधर एसआईसी के निलंबित होने की खबर फैलते ही चिकित्सालय के कुछ कर्मचारियों खुशी की लहर दौड़ पड़ी। लोग एक दूसरे को बधाई देने लगे। मानों जैसे उनको जेल में रखने वाला कोई जेलर यहां से चला गया है। रविवार की शाम से लेकर सोमवार की शाम तक एसआईसी के कार्यों की ही चर्चा होती रही। कोई उन्हें अच्छा बता रहा तो किसी ने उन्हें अबतक का सबसे खराब अधिकारी बताया। वहीं दूसरी ओर अवैध कार्य करने वाले उनके कुछ समर्थकों में मायूसी देखने को मिली। उन्हें अब इस बात की चिंता सता रही थी कि एसआईसी के जाने के बाद उनका क्या होगा। मनमाने तरीके से कार्य करने की आजादी उनकी अब खत्म होती दिख रही थी।