मिर्जापुर। जिले में यातायात सुरक्षा के नाम पर कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। यही वजह है कि हर वर्ष जिले में दुर्घटना में सैकड़ो लोगों की मौत हो जाती है। सर्वाधिक दुर्घटना वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर होती हैं। पुलिस प्रशासन ने हेलमेट लगाने के लिए लोगों से नो हेलमेट नो पेट्रोल अभियान चलाया लेकिन जागरुकता के अभाव में अभियान फेल हो गया।
जिले में मानव जीवन खतरे में पड़ता दिख रहा है। यातायात के नियमों का पालन नहीं होने से जिले में लगभग रोजाना लोग दुर्घटनाओं में अपनी जान गवां देते हैं। जागरुकता के अभाव में लोग यातायात के नियमों का पालन नहीं करते हैं। अधिकांश लोगों को तो यातायात के नियमों का पता ही नही है। यही वजह है कि लोग बिना हेलमेट के एक बाइक पर तीन लोगों को बैठा कर सफर करते हैं। सवारी गाड़ियों में यात्रियों को ठूंस ठूंस कर भरा जाता है। टेंपो तक में तीन लोगों की सीट पर चार यात्रियों को बैठा कर सफर कराया जाता है। कई बार गाड़ियों के पिछले भाग में खड़े हो कर लोग सफर करते हैं। शहर में हेलमेट लगा कर चलने वालों की संख्या अंगुलियों पर गिनी जा सकती है। पिछले दिनों ने पुलिस ने नो हेलमेट नो पेट्रोल अभियान चला कर लोगों से हेलमेट पहनने की अपील की थी। पिछले वर्ष तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने तो पुलिस के साथ सड़कों पर उतर कर बिना हेलमेट वाले वाहन सवारों को तुरंत हेलमेट खरीदने के लिए बाध्य किया था। इन कवायदों के बावजूद लोग हेलमेट पहनने को जरूरी नहीं समझ रहे हैं। सर्वाधिक दुर्घटनाएंब वाराणसी शक्तिनगर मार्ग पर अदलहाट से अहरौरा के बीच होती हैं। इस सड़क पर माह भर में चार पांच लोग जान गवां देते हैं लेकिन इस व्यस्त रूट पर भी दोपहिया वाहन सवार हेलमेट पहन कर नहीं चलते हैं। राज्य सरकार ने शुक्रवजर से स्त्रत्त्यातायात अभियान शुरु किया है। यह अभियान आगामी 10 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान पुलिस और जिला प्रशासन विभिन्न प्रकार का अभियान चला कर दुर्घटनाओं की कमी का प्रयास किया जाएगा।