विकास खंड पहाड़ी के विद्युत सबस्टेशन से संबंद्ध लगभग 200 गांवों में तीन दिनों से बिजली गुल रहने पर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने उपकेंद्र का घेराव करते हुए अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि जब तक आपूर्ति नहंी चालू की जाएगी तब तक वह अन्य स्थानों की बिजली आपूर्ति नहीं होने देंगे। मामले की जानकारी होते ही पहुंचे जेई ने दो दिनों के अदंर आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
विकास खंड पहाड़ी के विद्युत सब स्टेशन से संबद्ध लगभग दो सौ छोटे बड़े गांवों के उपभोक्ता लाइलाज बिजली व्यवस्था से तस्त्र हो चुके हैं। इलाके में बिजली कब आएगी कब कट जाएगी इसका कोई निर्धारित समय नहीं है। मामले की शिकायत करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं देता है। ब्लाक के लगभग दो सौ गांवों में तीन दिनों से बिजली गायब है। बार बार आपूर्ति करने की मांग करने के बावजूद बिजली नहीं देने पर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और वह नारेबाजी करते हुए सब स्टेशन का घेराव कर लिया। कहा कि क्षेत्र के बरगवां, टेढ़ा, गहिरा, रसैना, बेलवन, आरती नगर, सुखनई, गोपालपुर, दांती, आदि गांव में एक महीने से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। बार-बार िशकायत के बाद भी उसे अब तक विभागीय अधिकारियों ने नहीं बदला है।
वहीं लगभग दो सौ गांवों में बिजली नहीं है। पड़री बाजार, टेढ़ा, मोहनपुर, भरपुरा, विरोहिया, दूबेपुर, लोकापुर, बसारी, गौरा राजा, चेंदुली, गोपालपुर, गहिरा, दांती, सुखनई, महुवारी सहित दो सौ गांवों में तीन दिनों से बिजली नहीं है लेकिन बिजली वि भाग के अफसर बेपरवाह बने हुए हैं। किसी को लोगों की फिक्र नहीं है। यहां तक कि लोग मोबाइल तक नहीं चार्ज कर पा रहे हैं। पानी तक की आपूर्ति प्रभावित हो जा रही है।
आखिर में अवर अभियंता ने लोगों को किसी तरह आंदोलन समाप्त करने के लिए राजी किया। उन्होंने कहा कि उपकेद्र पुराना है, जिसके चलते समस्या आती है। दो दिन में सभी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। उसके बाद लोगों ने आंदोलन समाप्त किया। प्रदर्शन करने वालों में मुन्नू सिंह, समर बहादुर सिंह, अवधेश दूबे, राजेश सोनकर, अनिल मौर्या, कल्लू गुप्ता, सुशील यादव, बेचू शर्मा, पप्पू सोनकर, समेत अन्य शामिल रहे।