मिर्जापुर। करोड़ों की लागत से विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 90 किमी लंबे प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर लगाई गई स्ट्रीट लाइट योजना बदहाल होती जा रही है।
हाईवे पर भरुहना से लेकर विंध्याचल के अटल चौराहे तक सात किमी के दायरे में लगी 600 से अधिक स्ट्रीट लाइटों में 200 लाइटें कई महीनों से बंद हैं। नतीजतन, रात होते ही हाईवे का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। सावन और अन्य पर्वों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले इस मार्ग पर अंधेरा सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
विंध्याचल क्षेत्र पहाड़ी होने के कारण बारिश के मौसम में जंगल से सर्प, नीलगाय, सियार और अन्य वन्यजीव सड़क पर निकल आते हैं। इसे देखते हुए पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाई गई हैं। 200 स्ट्रीट लाइट खराब होने से मार्ग पर पर्याप्त रोशनी नहीं रहती, इससे वाहन चालकों और पैदल श्रद्धालुओं के सामने दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक उनकी मरम्मत नहीं कराई।
श्रद्धालुओं का कहना है कि विंध्याचल धाम में प्रतिदिन हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। देर रात ट्रेन और बस से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अंधेरे में हाईवे पार करने और पैदल चलने में काफी दिक्कत होती है।
कई स्थानों पर रोशनी न होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हाईवे को आकर्षक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, लेकिन नियमित रखरखाव के अभाव में योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
कुछ महीने पहले दिन के समय अनावश्यक रूप से स्ट्रीट लाइट जलने की खबर प्रकाशित हुई थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।