नगर के एवन रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता करने के बाद जन संघर्ष समिति मिर्जापुर के सदस्य, स
जन संघर्ष समिति ने किसानों की जमीन, पर्यावरण और सरकारी धन के नुकसान का जताया अंदेशा
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। नगर के भरूहना स्थित एकरेस्टोरेंट में जन संघर्ष समिति के सदस्यों ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए मंगलवार को प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे को निरस्त करने की मांग की। बताया कि प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एक्सप्रेस-वे से किसानों, आम जनता और प्रदेश को विशेष लाभ नहीं होगा, जबकि उपजाऊ कृषि भूमि, प्राकृतिक संसाधनों और सरकारी धन का अपव्यय होगा। समिति के संयोजक राम बहादुर सिंह और संरक्षक राम सिंह बागीश ने कहा कि प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ने के लिए पहले से सड़क मार्ग उपलब्ध है। ऐसे में नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की आवश्यकता नहीं है। ज्ञापन में बताया गया कि प्रस्तावित मार्ग से बड़ी संख्या में सीमांत किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी, जिससे वे भूमिहीन और बेरोजगार हो सकते हैं।
समिति ने यह भी दावा किया कि परियोजना से गंगा बेसिन की उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी, जहां वर्तमान में किसान साल में तीन फसलें लेते हैं। साथ ही बालू, पत्थर, डीजल और पेट्रोल जैसे प्राकृतिक संसाधनों के अनावश्यक उपयोग तथा करीब 22 हजार करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन के अपव्यय की आशंका जताई गई है। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि नई सड़क बनाने के बजाय पहले से मौजूद मार्गों का चौड़ीकरण कराया जाए, इससे किसानों की जमीन, पर्यावरण और सरकारी धन की बचत हो सके। समिति ने चुनार तहसील के अधिग्रहण प्रस्तावित 44 गांवों की सूची भी ज्ञापन के साथ संलग्न की है। इस दौरान प्रह्लाद सिंह, धर्मदेव उपाध्याय, बजरंगी कुशवाहा, कंचन सिंह, राम बुलावन सिंह, सिद्धनाथ सिंह मौजूद रहे।