मिर्जापुर । निर्धारित बोझ से अधिक क्षमता से कांपते नगर के शास्त्रीपुल को बचाने की कवायद में 35 टन से अधिक क्षमता के वाहनों को नहीं जाने का निर्णय लिया गया है। सितंबर महीने की छह और सात तारीख को सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई), नई दिल्ली ने इस पुल का मैनुअली मुआयना किया था तथा इसके हाईटेक मशीन से जांच के बाद पुल पर आवागमन की क्षमता का अंतिम निर्णय का भरोसा दिया था। जिसके लिए 74 लाख रुपए की जरूरत थी, जो अभी नहीं हो सकी है और पुल के कंपन और इसकी क्षमता का निर्णय नहीं हो पाया ।
भारी वाहनों के लिए पुल पर आवागमन पर नियंत्रण किया गया था तथा वाहनों का डायवर्जन भी किया गया था। जिस पर मोटर आपरेटर संघ आपत्ति कर रहा था तथा समय और धन के अपव्यय की गुहार लगा रहा था । इसे देखते हुए मंगलवार (12 फरवरी) को यह निर्णय लिया गया है कि पुल पर 10 किमी प्रतिघंटा की गति से 35 टन भार के वाहन 5-5 की संख्या में एकल दिशा से आएंगे। पुल पर वाहन रोके नहीं जाएंगे । यह सावधानी नहीं हुई और पुल क्षतिग्रस्त या टूट गया तो पैदल चलना भी मुश्किल हो जाएगा। हालांकि यह अनुमान किया जा रहा है कि एकल दिशा से 5-5 वाहनों को जाने का प्रतिबंध लगने पर जाम की भी नौबत आएगी ।