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एसडीएम सदर के कार्य प्रणाली से भड़के अधिवक्ता, न्यायालय में काटा बवाल

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डीएम का घेराव करते अधिवक्ता
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मिर्जापुर। उपजिलाधिकारी सदर अरविंद चौहान की कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जानकारी होने पर पहुुंचे नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने अधिवक्ताओं को न्यायालय परिसर से बाहर कराकर एसडीएम कोर्ट को बंद करवा दिया। इसके बाद अधिवक्ता नारेबाजी करते जिलाधिकारी कार्यालय में घुस गए और उनको ज्ञापन देकर एसडीएम सदर की शिकायत की। चेताया कि एसडीएम सदर की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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एसडीएम सदर अरविंद कुमार चौहान के कार्य प्रणाली से क्षुब्ध होकर अधिवक्ता शुक्रवार को उनके न्यायालय पहुंचे और वहां नारेबाजी की। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के दौरान एसडीएम न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। जानकारी होते ही सिटी मजिस्ट्रेट वहां पहुंचे और एसडीएम सदर के न्यायालय को बंद करवाया। इसके बाद जिलाधिकारी बिमल कुमार दूबे के कार्यालय पहुंचकर उनका घेराव कर लिया। अधिवक्ताओं ने डीएम को पत्रक सौंपकर एसडीएम के कार्य प्रणाली को सुधारने की मांग की। इस दौरान सचिव वंश बहादुर, कृष्ण मोहन तिवारी, विमला शंकर दूबे, रूद्र प्रकाश गिरी, राहुल तिवारी, राजेंद्र यादव आदि सैंकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन कुमार मिश्र ने बताया कि उपजिलाधिकारी सदर अरविंद चौहान की कार्य प्रणाली ठीक नहीं है। वे वकीलों से ठीक तरीके से बात नहीं करतेे हैं। वे न्यायालय में समय से नहीं बैठते हैं। यह मामला काफी दिनों से चला आ रहा था। इसके बारे में अवगत कराया गया था। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के चलते एसडीएम सदर के न्यायालय के बाहर आरोपियों की जमानत हुई। यहीं नहीं कई लोगों की तो जमानत ही नहीं हो पाई।
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