मिर्जापुर। नेशनल कान्वेंट स्कूल में जल संरक्षण पर शनिवार को आयोजित कार्यशाला में बच्चों ने भविष्य में जल संकट की आशंका के मद्देनजर जल संरक्षण महत्व बताया।
निदेशक प्रत्युष गुप्त ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यशाला की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर महज तीन प्रतिशत जल ही पीने योग्य है। इसलिए मानव को जल का संरक्षण करना जरूरी है। बच्चों ने प्ले कार्ड, चार्ट, मॉडल तथा मॉडल पेंटिंग के जरिये जल संरक्षण का तरीका बताया। बच्चों ने कार्यशाला में आए लोगों को बताया कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। वर्तमान समय में जल संरक्षण नितांत जरूरी है। प्रधानाचार्य एम जोंस ने जल संरक्षण का महत्व बताया। विज्ञान शिक्षक डिंपल गुप्ता प्रोजेक्ट के माध्यम से जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी। विज्ञान शिक्षक रेखा तिवारी ने बच्चों को बताया कि घरों में नल को कभी खुला नहीं छोड़ें। साथ ही किचन के पानी को पेड़-पौधे, गमलों आदि में उपयोग करें। रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जल संरक्षण करें। घर बनवाते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए पौधरोपण करना चाहिए। इस दौरान अनिकेत कुमार, सुरेंद्र बिंद, शिवेंद्र मिश्रा, प्रिया तिवारी, निलांशी, खुशबु, स्मृति गौतम, अर्पिता सिंह, प्राची गुप्ता आदि ने लोगों को जागरूक किया।