मिर्जापुर। जीएसटी के विरोध में मिर्जापुर वस्त्र व्यवसायी कल्याण समिति के तत्वावधान में वस्त्र व्यवसायियों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के उपरांत जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को 14 सूत्री ज्ञापन प्रेषित किया गया। जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन के उपरांत वस्त्र व्यवसायियों ने वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर एसएन पांडेय को उनके कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा।
जिला मुख्यालय पर आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान वस्त्र व्यवसायियों ने कहा कि टेक्सटाइल वस्त्र उद्योग सदैव कर मुक्त श्रेणी में रहा है, उसे यथावत रहने दिया जाए। जीएसटी रिटर्न अंग्रेजी, हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषा, जिसमें व्यापारी लिपिबद्घ बही खाता रखता है, उसमें दाखिल कर सके, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। वस्त्र व्यवसायियों ने कहा कि कि व्यवसायी, उद्यमी त्रैमासिक एवं वार्षिक विवरणी दाखिल करता है, उसी प्रकार रिटर्न जमा करे, महीने में तीन बार रिटर्न दाखिल करना संभव नहीं है। कहा गया कि सन 2002 में वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने टेक्सटाइल पावरलूम उद्योग पर एक्साइज ड्यूटी लगाई थी, जिससे इंस्पेक्टर राज व कागजी मकड़जाल इस कदर बढ़ा कि वर्ष 2004 में पांच करोड़ परिवार जो वस्त्र उद्योग से जुड़े थे, उसके विपरीत मतों से अटल जी की सरकार चली गई, कृपया ऐसी स्थिति उत्पन्न न होने पाए। जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि व्यापारी को भूल करने पर पांच वर्ष का कारावास का प्राविधान समाप्त हो तथा जीएसटी सन् 2019 आम चुनाव के बाद लागू किया जाना चाहिए। न्यूनतम कर की दरें लागू हों, जिससे व्यापारी शत-प्रतिशत कर स्वत: जमा कर सकें। कोई भी व्यापारिक संगठन या व्यापारी किसी अधिकारी या नेता द्वारा त्रस्त किया जाता है तो उसकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाए। धराना- प्रदर्शन के दौरान समिति के अध्यक्ष पूनम चंद्र जैन, आय-व्यय निरीक्षक प्रवीण सर्राफ, उपाध्यक्ष मनोज जैन, मंत्री अनूप कुमार मैनी सहित रामचंदर, शशांक टंडन, प्रकाश अग्रवाल, महेंद्र जायसवाल, रज्जन जायसवाल आदि उपस्थित रहे।