हलिया। विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर वन्य जीव अभ्यारण हलिया रेंज कार्यालय में रविवार को वन संरक्षण पर गोष्ठी का आयोन किया गया। इस मौके पर वनों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वन क्षेत्राधिकारी हलिया भास्कर पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार स्वच्छ पर्यावरण के लिए देश के संपूर्ण भू-भाग पर कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र वनस्पतियों से आच्छादित होना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राष्ट्रीय वन सर्वेक्षण के अनुसार इस समय देश में मात्र करीब 17 प्रतिशत ही भू भाग पर ही वन क्षेत्र उपलब्ध हैं।
वन क्षेत्राधिकारी ने इस मौके पर वन संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए वन संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। रेंजर ने कहा कि वनस्पति के बगैर धरती पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने लोगों से पौधरोपण तथा वन संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि समाज में आज खेती-बारी की परंपरा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। इस परंपरा के वैज्ञानिक आधार को समझाते हुए रेंजर ने कहा कि वृक्ष हवा में उड़ने वाले जहरीले गैस कार्बन डाइऑक्साइड को स्वयं ग्रहण कर लेते हैं और धरती पर निरंतर जीवन रक्षक ऑक्सीजन प्रवाहित करते हैं। इस अवसर पर रामदुलार तिवारी संतोश, अनिल कुमार, राम कैलाश, राजनाथ सिंह, रामकिशन यादव आदि मौजूद रहे।