मिर्जापुर। वाराणसी की पुरातत्व की टीम रविवार को विंध्याचल के गजिया टोला निषाद बस्ती के पुस्तैनी मकान में मिले सुरंग की जांच करने पहुंची। टीम ने बताया कि यहां कोई सुरंग नहीं है, केवल पानी के रिसाव से गड्ढा बन गया है। यह भी कहा कि पूर्व में यहां कोई टंकी बनाई गई होगी जिसे बाद में मिटटी डालकर पाट दिया गया होगा। पानी भरने पर उसकी मिट्टी धस गई जिससे वह फिर गडढा बन गया। जहां तक सिक्के की बात है तो टीम ने उसकी जांच परख करने के बाद ही कुछ कहने को कहा।
गौरतलब हो कि 27 जुलाई को गाजिया टोला निषाद बस्ती में धनरी देवी के पुस्तैनी मकान के निर्माण के दौरान एक सुरंग दिखाई दिया था। यहीं नहीं उसमें दो मुगलकाल के सिक्के भी मिले थे। जिससे हड़कंप मच गया था। एसडीएम सदर सविता यादव के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। जांच रिपोर्ट रविवार को जिलाधिकारी को सौंपने को कहा था। उधर डीएम ने पूरे मामले की जांच वाराणसी की पुरातत्व टीम को सौंप दिया था। रविवार को क्षेेत्रीय पुरातत्व अधिकारी वाराणसी सुभाष यादव विंध्याचल के कंतित स्थित गजिया टोला निषाद बस्ती निवासिनी धनरी देवी के घर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जांच की। जांच के बाद बताया कि यहां कोई पुराना सुरंग नहीं है। यह एक नेचुरल तरीके का गडढा है। इसलिए परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। जहां तक सिक्के की बात है तो उसकी जांच करने के बाद ही पता चलेगा कि सिक्का कब का है। उधर एसडीएम सदर सविता यादव ने अपनी रिपोर्ट भी जिलाधिकारी को सौंप दी।