मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के तत्वावधान में जल निगम के इंजीनियरों और कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान अरुण कुमार ने कहा कि जल निगम के कर्मियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इंजीनियर जल निगम को पूर्व की भांति प्रशासकीय विभाग बनाने और जल निगम कर्मियों का लंबित वेतन, पेंशन, सप्तम वेतनमान की मांग कर रहे हैं।
अधिशासी अभियंता जल निगम एके सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में से पेयजल केवल 13 प्रतिशत लोगों को मिल पा रहा है। वहीं छह करोड़ शहरी आबादी में से मात्र 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा मिल पा रही है। प्रदेेश सरकार के तमाम वादों के विपरीत आज भी पेयजल संकट कायम है। सरकार इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। संजय कुमार जायसवाल ने कहा कि वर्तमान में उक्त कार्यों की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम को समाप्त करने पर अड़ी हुई है। कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप रिबोर का कार्य और नए हैंडपंपों के अधिष्ठापन का कार्य अन्य संस्थाओं की ओर से कराया जा रहा है। इससे सेंटेज पर कार्य कर रही उत्तर प्रदेश जल निगम की कार्य प्रणाली प्रभावित हो रही है। कहा कि 19 जुलाई को प्रदेश के 20 हजार कर्मचारी उत्तर प्रदेश जल निगम मुख्यालय पहुंचकर रैली निकालेंगे। रैली परिसर से सिकंदरबाग चौराहा होते हुए जीपीओ स्थित हजरतगंज गांधी प्रतिमा पर पहुंचेगी। संचालन आरसी मौर्य ने किया। इस दौरान उदयनाथ सिंह यादव, प्रवीण चौरसिया, विकास अग्रहरी, सुनील कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, इमरान अहमद, मंजीत कुमार, नर्वदेश्वर आनंद, दिनेश कुशवाहा, उदय नारायण, दीनानाथ पाल, मनोज कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।