मिर्जापुर। जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी ने गुरुवार को जिले के सामुदायिक, प्राथमिक एवं न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई चिकित्सक और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद थे जिनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है। स्टोर से दवाओं काफी मात्रा में कम मिली। निरीक्षण की जानकारी मिलते ही लोअर व टी शर्ट में चिकित्सक चिकित्सालय पहुंचे।
डीएम के निरीक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. संतोष कुमार सिंह, चिकित्साधिकारी डा. विनोद कुमार चौधरी, डा. राजेश कुमार सिंह, डा. एमके राय तथा सीनियर फार्मासिस्ट सुकेश शर्मा नदारद मिले। निरीक्षण की सूचना मिलते ही डा. विनोद कुमार चौधरी लोअर और टीशर्ट में पहुंचे। दिनेश कुमार सुमन, राजेश, सदाकांत, रिंकू देवी नदारद थी। लैब टेक्नीशियन दो दिन से बिना सूचना के लापता मिला। संविदा चिकित्सक डा. पूनम सिंह, संपत्ति राम के अनुपस्थित मिलने पर कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विजयपुर में पहुंचे। वहां चिकित्साधिकारी डा. रत्नाकर मिश्र मौजूद मिले जबकि डा. मुकेश यादव एक से 17 मई तक अनुपस्थित मिले। इनके साथ ही डा. संजू शुक्ला और डा. अनवार भी अनुपस्थित मिले। वहीं संविदा कर्मी डा. अविनाश मिश्र, डा. सोनिया, डा. विश्वदीपक, डा. एस मिश्र अनुपस्थित मिले। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकोढ़ी के निरीक्षण के दौरान डा. पूर्णिमा सिंह, दिनेश कुमार सिंह गायब मिले। मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंदी का निरीक्षण किया। चिकित्सकों के निर्धारित यूनिफार्म और नेम प्लेट नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। जनरल वार्ड और प्रसूति वार्ड में अपेक्षित सफाई नहीं मिली। इस पर टीम ने नाराजगी जताई।
चुनार: एसडीएम चुनार अविनाश त्रिपाठी ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चेचरी मोड़ और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुनार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिला। प्रसव कक्ष में सफाई का निर्देश दिया। मरीजों से बातचीत की।
मड़िहान: एसडीएम सविता यादव ने गुरुवार को न्यू पीएचसी बहुती और पीएचसी पटेहरा का निरीक्षण किया। पीएचसी पटेहरा की उपस्थिति पंजिका को उन्होंने कब्जे में ले लिया। कई दिनों से गायब चल रहे कर्मचारी का हस्ताक्षर बनाने पर उसे तलब किया गया। जांच रिपोर्ट की कापी जिला प्रशासन को भेज दी गई। पीएचसी बहुती में बताया गया कि चिकित्सक महेंद्र सिंह कभी कभार अस्पताल आते हैं। फार्मासिस्ट राजेंद्र मरीजों का इलाज करता है। इस पर फार्मासिस्ट को फटकार लगाई। अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर एसपी गुप्ता को बताया गया कि जिले पर मीटिंग में गये हैं। संदीप को राजगढ़ जाना बताया गया। फार्मासिस्ट जीएस त्रिपाठी दस दिन से नहीं आ रहे थे, लेकिन हाजिरी बनाई जा रही थी। बायोमेट्रिक मशीन होने के बावजूद पंजिका में हाजिरी बनाये जाने पर अपने आप मे संदेह व्यक्त करता है। डिलेवरी रूम में इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन खराब पाया गया। प्रसुति महिलाओं ने शिकायत किया कि डिलेवरी के समय खाना नही मिलता। ठेकेदार द्वारा फर्जी खाना दिया जाना अंकित किया जाता है।
नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डा. किरण कला, डा. ममता, डा. निशा उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर बनाकर चिकित्सालय से लापता थी। भारी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। डा. मंजू लता, स्टाफ नर्स सविता, संध्या, आशा देवी, रेखा, एएनएम निशा मिश्रा, काउंसलर अर्पणा सिंह, सविता श्रीवास्तव, भी ड्यूटी से गायब मिलीं। दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिली। प्रसूता वार्ड में कोई डाक्टर नहीं था। इसी प्रकार एडीएम वित्त एवं राजस्व राजितराम प्रजापति ने मंडलीय चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्थि रोग विशेषज्ञ ड्यूटी से लापता थे।