मिर्जापुर। जिले में गेहूं की खरीद के लिए 85 केंद्र बनाए गए हैं जहां पहली अप्रैल से खरीद शुरू हो जाएगी। इस वर्ष 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य प्रस्तावित है जिसे भविष्य में बढ़ाया भी जा सकता है। इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल है। साथ ही किसानों को गेहूं उतरवाने के लिए प्रति क्विंटल की दर से दस रुपये दिए जाएंगे। पिछले साल गेहूं का समर्थन मूल्य 1625 रुपये थे।
जिले में गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है। गेहूं की खरीद पारदर्शी ढंग से करने और किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने गेहूं खरीद की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी विमल कुमार दुबे ने एडीएम वित्त व राजस्व राजितराम प्रजापति को खरीद प्रभारी बनाया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ल ने बताया कि किसानों से गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के 11, पंजीकृत सहकारी समितियां के 29, पीसीएफ के 31, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन, पीसीयू के पांच, यूपी एग्रो के चार और भारतीय खाद्य निगम के दो सहित कुल 85 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। खाद्य विभाग का केंद्र मिर्जापुर, कोन, गेपुरा, कछवां, पहाड़ी, लालगंज, हलिया, मड़िहान, राजगढ़ और चुनार में केंद्र बनाए गए हैं। पीसीएफ के केंद्र मिर्जापुर में मंडी समिति और समोगरा, कोन के चेकसारी, छानबे के कोलेपुर, गौरा, बौड़ई, नौगांव, कछवां बाजार, भरपुरा तथा लालगंज के चरकी, रामपुर खोमर मैना, पगार, हलिया के गलरा खुटहा, बबुरा कला, मड़िहान के रैकर, देवरी तथा राजगढ़ के पडरवा, पचोखरा, गुरूदेवनगर में बनाए गए हैं। वहीं नरायनपुर के परसोधा और अहरौरा में केंद्र बना है। पहली अप्रैल को क्रय केंद्र खुल जाएंगे और खरीद शुरू हो जाएगी।
जमालपुर ब्लॉक के हरिहरपुर के किसान लालबिहारी पटेल ने कहा कि सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाया है लेकिन इसका लाभ उन्हें तभी मिल पाएगा जब बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। पिडखिर के किसान मधुसूदन पटेल ने कहा कि अभी धान का भुगतान नहीं हुआ है। समर्थन मूल्य बढ़ानेे का सरकार का प्रयास सराहनीय है। हसौली के किसान मनोज द्विवेदी ने कहा कि गेहूं के समर्थन मूल्य का बढ़ाने के अलावा सरकार को किसानों को और सुविधा देने पर विचार करना चाहिए। गेहूं क्रय केंद्रों पर दलहन खरीद की कोई सूचना नहीं है। मदरा के किसान नवीन पांडेय ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों को मिल रहा है। सरकार की योजनाओं के प्रचार होना चाहिए ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें। सहेवा के किसान भगवती पाल ने कहा कि गेहूं की खरीद आसानी से हो और किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिले, इसके लिए प्रशासन को गंभीर होना होगा।
संभागीय खाद्य नियंत्रक विंध्याचल मंडल रवि कुमार ने बताया कि किसान साइबर कैफे या जनसेवा केंद्र में जाकर खाद्य विभाग की वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। किसानों पंजीकरण के लिए फोटो, आधार या निर्वाचन कार्ड, भूमि की खतौनी या खसरा और बैंक खाते की पासबुक ले जाना होगा।