फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरे और काले रंगों से हो सकता है खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। होली का पर्व रंगों का पर्व है। हर तरफ रंगों की ही बहार होती है। बड़ा हो या बूढ़ा हो, हर व्यक्ति रंगों से सराबोर रहता है। यह हर्ष और उल्लास का पर्व है। हर तरफ मस्ती छाई रहती है। इसी मस्ती में यदि कुछ सावधानियां बरत ली जाएं तो यह पर्व और भी आनंददायक हो सकता है।
विज्ञापन

चिकित्सकों के अनुसार होली पर रंग तो खेला ही जाता है। यह अपरिहार्य है लेकिन यदि कुछ जानकारी कर ली जाए तो पर्व का आनंद और भी हो सकता है। आम तौर पर लोग लाल अथवा गुलाबी रंग का प्रयोग करते हैं। यह ठीक है। लाल रंग अपेक्षाकृत कम खतरनाक होता है। हरा और काला रंग सबसे अधिक खतरनाक होता है। आक्साइड तो सभी रंगों में होता है। लेकिन हरे और काले रंग में क्यूप्रस आक्साइड होता है जो कैंसर का भी कारण हो सकता है। इससे बचा जाना चाहिए। लाल रंग से भी कंजक्टिवाइटिस या डर्मेटाइटिस हो सकता है। यह रंग में भंग डाल सकता है। बेहतर यही हो कि टेसू अथवा कच्चे रंगों का प्रयोग करें। यदि यह उपलब्ध न हो तो हर्बल रंगों का प्रयोग करें। अब कई कंपनियां हर्बल रंग भी बना रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें