अहरौरा। शरद पूर्णिमा के अवसर पर रामलीला में भगवान राम का राज्याभिषेक किया गया। नगर के ऐतिहासिक चौक चौराहा शुक्रवार की मध्य रात्रि अयोध्या नगरी में तब्दील हो गया। ऐसा लग रहा था कि क्षेत्रवासी त्रेता युग में प्रवेश कर गए हैं। भगवान राम के राज्याभिषेक की एक झलक पाने के लिए हर लोग ललायित रहे।
रामलीला में कुलगुरु वशिष्ठ ने जैसे ही सिंहासन पूजन के बाद मुकुट पूजन कर भगवान राम का राज्यभिषेक किया। चहुंओर राजा रामचंद्र की जय के जयघोष से प्रांगण गुंजायमान हो उठा। भारी संख्या में महिलाएं और पुरुष मंगलगान करते हुए राम चंद्र को तिलक लगाने के लिए व्याकुल रहे। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। रामलीला नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि आने वाली पीढ़ियां राम के आदर्शों का अनुसरण कर चरित्रवान बन सके। इस दौरान बाल रामलीला समिति द्वारा एक गरीब कन्या का विवाह और बोर्ड के परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को नि:शुल्क टयूशन देने का निर्णय लिया गया। लीला समापन की घोषणा अध्यक्ष कुमार आनन्द ने किया। ऐतिहासिक लीला में पात्रों व पदाधिकारियों को ग्राम प्रधान अशोक शर्मा, वीरेंद्र सिंह, गोपाल दास गुप्ता, प्रधान बृजेश सिंह ने प्रतीक चिन्ह व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान रवींद्र नाथ, अशोक शर्मा, शिरीष चंद्र, विपिन केशरी, प्रवीण, पुन्य, बृजेश, अनिल, सुजेंद्र सिंह, रजनीश मिश्रा, श्याम कपूर, आशु, कामेश्वर, भारत भूषण आदि उपस्थित रहे। जिगना संवाददाता के अनुसार श्री सरस्वती रामलीला समिति सिहावल द्वारा आयोजित रामलीला के दौरान वन यात्रा के दौरान प्रभु राम अनसुईया के पास पहुंचते हैं, जहां अनसुईया वस्त्र भेंट करती हैं। इसके बाद भगवान पंचवटी मे विश्राम करते हैं। लीला में सूर्पणखा द्वारा विवाह का प्रस्ताव न मानने पर राक्षस रूप दिखा कर डराती है, जिस पर लक्ष्मण ने सूर्पणखा का नाक काट दिया। राम की भूमिका मोहित पांडेय, लक्ष्मण का आशू मिश्र सीता की जज्जे, रावण की लल्लन दूबे, अनसुईया की मंगला दुबे ने अदा किया। इस मौके पर विजय शंकर पांडेय, राजन दूबे, श्रीकांत दूबे, शोभनाथ, पिंटू, विनय कुमार, पंकज आदि मौजूद रहे।