अदलहाट। क्षेत्र के अदलहाट बाजार स्थित यूनियन बैंक परिसर में चल रहे रामकथा के चौथे दिन गुरूवार को स्वामी तुलसी किंकर महाराज ने सत्संग की महिमा पर भक्तों के बीच बोलते हुए कहा कि संसार में समय सबसे कीमती वस्तु है। जिसने समय का सदुपयोग किया वहीं आगे बढ़ा।
हीरा-जेवरात से अधिक कीमती समय है। इस कीमती वस्तु में सत्संग का समय सबसे महत्वपूर्ण है। यह अमृत, अमरत्व प्रदान कर सकता है, मोक्ष नहीं दे सकता। कल्पतरु के नीचे बैठकर खोजोगे कि कुछ मिले परंतु मोक्ष नहीं मिलेगा। पारस मणी से सोना बन सकता है परंतु मोक्ष नहीं। इन तीनों से कीमती सत्संग है। इससे धर्म, काम, मोक्ष सभी प्राप्त हो जाता है। हनुमानजी कुमति निवार सुमति के संगी हैं। जिस वस्तु से कलह उत्पंन हो वह कीतनी भी कीमती हो परित्याग करना चाहिए। आस्तिकता से आत्मबल बढ़ता है। सत्संग व बड़ों का सम्मान आस्तिकता से ही पैदा होता है। रामकथा के दौरान आरती के बाद कथा संयोजक छेदीलाल गुप्त ने प्रसाद वितरण किया। इस अवसर पर मुरारी, रामललित सिंह, बचाउ, सुरेंद्रनाथ सिंह, लालबहादुर, शिवधनी दुबे, सुनील यादव, फणेंद्र श्रीवास्तव, रेखा जायसवाल, विद्या देवी, अमरावती देवी, श्वेता जायसवाल, आशा श्रीवास्तव, शांती देवी, सावित्री देवी, शुशीला देवी सहित अनेकों श्रोता मौजूद रहे।