मिर्जापुर। बीते तीन जुलाई से लगातार चल रही लेखपाल की हड़ताल के चलते तहसीलों का काम-काज पूरी तरह से ठप हो गया है। हड़ताल के चलते आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नहीं बन रहा है जिसके चलते इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थी स्नातक में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर छात्र और अभिभावक बेहद परेशान हैं। इसके अलावा खसरा और खतौनी जारी नहीं होने से किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बन पा रहा है जिससे किसान किसान परेशान हैं।
तहसीलदार सदर मृत्युंजय सिंह ने बताया कि सदर तहसील में लेखपालों के हड़ताल के चलते सैकड़ों आवेदकों के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। हालांकि जिलाधिकारी ने आय, जाति व आवास आदि के सत्यापन की जिम्मेेदारी सचिवों को सौंपी है, जिससे कार्य प्रभावित न हो लेकिन सुचारू रूप से यह कार्य नहीं हो पा रहा है। उधर, सदर को छोड़ कर अन्य तहसीलों में इस तरह की समस्याओं के चलते लोग परेशान हैं।
मड़िहान तहसील क्षेत्र के लेखपालों की हड़ताल के चलते तहसील क्षेत्र सैकड़ों छात्र-छात्राओं को आय जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है। सीमांकन खसरा आदि कार्यों के लिए किसान भागदौड़ कर रहे हैं लेकिन कोई कार्य नहीं हो रहा है। तहसील के रिकार्ड में 1692 छात्र छात्राओं ने आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है, इसके चलते उनका प्रवेश नहीं हो पा रहा है। आवेदन के एक महीना बीत जाने के बावजूद लेखपालों को हड़ताल पर चले जाने से छात्रों को प्रमाण पत्र नही मिला। अभिभावक और छात्र-छात्राएं तहसील का चक्कर लगाने को विवश हैं। शासन प्रशासन से मांग की जा रही है कि सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करती है तो छात्र छात्राओं की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के प्रमाणपत्र के लिए दूर से आना पड़ता है। बिना प्रमाण पत्र के छात्रों का स्कूलों में दाखिला संभव नहीं है। इस संबंध में तहसीलदार मड़िहान सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ब्लाक के सचिवों को रिपोर्ट के लिए लगाया जाएगा। लालगंज और चुनार तहसील क्षेत्र के सैकड़ों छात्र-छात्राओं का आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र का इंतजार कर रहे हैं।