मिर्जापुर। निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूली पर प्रदेश की भाजपा सरकार कड़े प्रावधान लाने जा रही है। स्कूल प्रबंधक अब मनमानी तरीके से वर्ष भर का फीस एकमुश्त नही ले सकेंगे। सरकार के इस कड़े फैसले से अभिभावकों में खुशी की लहर है। अभिभावक पहले से ही स्कूल की फीस वसूली पर लगाम लगाने की मांग करते आ रहे हैं। प्रदेश सरकार के इस फैसले की जद में 20 हजार से ऊपर वार्षिक फीस लेने वाले आएंगे। सरकार ने इस पर 22 दिसंबर तक आपत्ति व सुझाव मांगे हैं। नगर के अभिभावको ने इस पर अपना विचार साझा किया है।
नगर के कुशवाहा नगर निवासी पारसनाथ कुशवाहा ने कहा कि निजी स्कूल मालिक फीस में बेतहाशा बढोत्तरी कर रहे हैं, इस पर लगाम लगाना जरूरी था। इससे प्राईवेट स्कूल संचालक मनमानी नही कर पाएंगे। तुलसी चौराहा के रहने वाले नितिन कुमार ने कहा कि माता पिता अच्छी शिक्षा के लिए अपने बच्चों को अच्छे स्कूलो में भेजना चाहते हैं, लेकिन निजी स्कूल प्रबंधक शिक्षा के नाम पर फीस बढ़ा कर वसूली का धंधा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की फीस भरने में दम निकल जा रहा है। निजी स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ दिखावा रह गया है। आए दिन विद्यालयों में कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहते हैं, उसके लिए भी अलग से पैसे देने पड़ते हैं। दुर्गा देवी मोहल्ले के मुकेश कसेरा ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा जो भी फीस तय की जाती है, उसे प्रत्येक अभिभावक न चाहते हुए भी फीस भरते हैं। अभिभावक अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा के लिए हर संभव अच्छे स्कूलों में ही भेजना चाहते हैं। अभिभावक ऋण कर्ज लेकर भी स्कूलों की मांग पूरी करते हैं। भजनपुरा निवासी मंजीत कुशवाहा ने प्रदेश सरकार के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस की एक सीमा तय करनी चाहिए। इस महंगाई में प्राईवेट स्कूलों में पठन पाठन कराना सबके बस की बात नही रह गई है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्घि पर रोक के साथ ही सरकार को चाहिए की निजी विद्यालयों के फीस में और कमी लायी जाय। भजन का पुरा के रहने वाले भोलानाथ यादव ने प्रदेश सरकार का फीस पर लगाम व एक मुश्त फीस जमा कराने पर रोक के फैसले का स्वागत किया। निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के फैसले पर उन्होंने हर्ष जताया है। पक्कापुल के रहने वाले वकील कुमार मौर्या का कहना है कि सरकार का फैसले से अभिभावकों में खुशी की लहर है। प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों की फीस बढ़ाने पर जो लगाम लगाने की तैयारी की है, उसका पूरा समर्थन है।